धान की फसल पर चलाएं पाटा, होगी फसल दोगुनी, जाने कैसे होगा फायदा

धान की फसल पर चलाएं पाटा : हमारे देश में अधिकतर किसान धान की खेती करते है। इस समय कई स्थानों पर धान की फसल 20 से 25 दिनों की हो गई है। अच्छी पैदावार के लिए सबसे जरूरी यह होता है की, धान के पौधे में ज्यादा से ज्यादा कल्ले बने। धान की फसल जब 20 से 25 दिन की हो जाती है तो इसमें किल्ले निकलने लगते हैं। इस अवस्था में धान की फसल का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है ताकि इससे बेहतर पैदावार मिल सके।

इसी संदर्भ में आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है की, धान की फसल Paddy Crop में ज्यादा से ज्यादा कल्ले बनाने के लिए किसानों को क्या क्या करना चाहिए। तो आइए जानते है पूरी डिटेल…

धान की फसल पर चलाएं पाटा, होगी फसल दोगुनी, जाने कैसे होगा फायदा

धान की फसल पर चलाएं पाटा : 20 से 25 दिनों की फसल में पाटा जरूर चलाए

यदि धान की फसल 20 से 25 दिनों की हो गई है तो कल्ले बढाने के लिए किसानों को अपने खेत में पाटा जरूर चलाना चाहिए।

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ऐसा करने के लिए आप एक 10 से 15 फीट का बांस लें और दो बार पाटा लगा दें। : Paddy Crop

ऐसा करने से धान की जड़ों में थोड़ा झटका लगता है और जो फसलें छोटी या हल्की होती हैं उनको भी आगे निकलने व बढ़ने का अवसर मिलता है।

पाटा लगाने के दौरान खेत में पानी भरा होना चाहिए। पाटा उल्टी व सीधी दोनों दिशाओं में चलाना चाहिए।

 

धान की फसल पर चलाएं पाटा : Paddy Crop पाटा चलाने से होगा ये लाभ

पानी भरे चावल के खेत में पाटा चलाने से सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे धान के कल्ले अधिक निकलते हैं जिससे अधिक उपज प्राप्त होती है।

वहीं दूसरा धान की फसलों में लगने वाली सुंडी जैसे कीड़े झड़कर पानी में गिर जाते हैं जिससे वह फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। इस तरह पाटा चलाना धान की फसल के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है।

 

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धान की फसल पर चलाएं पाटा : धान की फसल में कल्ले फूटने पर क्या करें

यदि आपके खेत में धान की फसल Paddy Crop में किल्ले फूटने लग गए हो तो आपको खेत में नाममात्र का पानी रखना चाहिए ताकि खेत में नमी बनी रहे। इस अवस्था में धान की फसल को अधिक न्यूट्रिशन की आवश्यकता होती है।

ऐसे में खेत में पानी भरा नहीं होना चाहिए। धान की रोपाई के 25 दिन बाद पानी निकाल देना चाहिए। बस इतना पानी होना चाहिए ताकि खेत में नमी बनी रहे। इस दौरान धान के एक एकड़ खेत में 20 किलोग्राम नाइट्रोजन और 10 किलोग्राम जिंक  खाद की मात्रा देनी चाहिए।

 

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धान की फसल पर चलाएं पाटा : धान में खरपतवार नियंत्रण के लिए यह दवाई डालें

धान की फसल Paddy Crop में खरपतवार एक बहुत बड़ी समस्या है इससे उत्पादन में कमी आती है। अत: धान की फसल को खरतवार से बचाने के लिए आप 2-4D नमक दवा का प्रयोग कर सकते हैं।

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इसके अलावा धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए आप पेंडीमेथलीन 30 ई.सी. का 3.5 लीटर मात्रा को प्रति हैक्टेयर की दर से 850 से 900 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।

धान की फसल पर चलाएं पाटा : पौधे की ग्रोथ के लिए धूप जरूरी..

जब धान की फसल Paddy Crop 20 से 25 दिन की हो जाती है तो खेत से पानी बाहर निकाल दिया जाता है और इतना ही पानी रखा जाता है जिससे धान के खेत में नमी बनी रहे।

ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि इससे धान की जड़ों पर सीधे धूप पड़ती है और फसल को ऑक्सीजन भी सही तरीके से मिल जाती है। इस दौरान किसान निराई गुड़ाई का काम भी कर सकते हैं। यह सब प्रक्रिया करने के बाद खेत को दुबारा से पानी से भर देना चाहिए।