मंत्री विजय शाह पर दोशद्रोह का मुकदमा दर्ज, हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को दिए निर्देश

मंत्री विजय शाह पर दोशद्रोह का मुकदमा दर्ज, हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को दिए निर्देश  : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से बदला लिया. ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग से दुश्मन देश को भी संदेश मिल गया. इंडियन आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पूरी दुनिया में नारी शक्ति का परिचय दिया. जब सोफिया कुरैशी पर हिंदुस्तान का सीना चौड़ा है, ऐसे में एमपी के मंत्री विजय शाह ने शर्मनाक बयान दिया है. उनके इस बयान पर एमपी हाईकोर्ट भी खफा हो गया. हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ दोशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया.

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जी हां, कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिलाफ बुधवार की रात प्राथमिकी दर्ज की गई. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्नल कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले का खुद संज्ञान लिया और राज्य के पुलिस महानिदेशक को मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. अब सवाल है कि आखिर किन-किन धाराओं में केस दर्ज है और विजय शाह को क्या सजा हो सकती है.

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मंत्री विजय शाह पर दोशद्रोह का मुकदमा दर्ज, हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को दिए निर्देश  : दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह पर एफआईआर दर्ज हुई है. उनके ऊपर राजद्रोह यानी देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है. इंदौर में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विजय शाह के बयान के बाद उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 196(1)(b) और 197(1)(c) में केस दर्ज हुआ है.

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धारा में क्या प्रावधान है.

  • बीएनएस की धारा 152: यह देशद्रोह की धारा है. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने का कृत्य.
  • बीएनएस की धारा 196(1)(b): अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला ऐसा कृत्य, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होती हो या भंग होने की आशंका हो.
  • बीएनएस की धारा 197(1)(c): किसी समुदाय के सदस्य को लेकर ऐसी बात कहना जिससे अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर विपरीत असर पड़ता हो या उनके बीच शत्रुता या घृणा या दुर्भावना की भावना पनपती हो या पनपने की आशंका हो) के तहत दर्ज की गई है.
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क्या होगी सजा

अब क्या होगा आगे?

अब अगर विजय शाह के खिलाफ देशद्रोह का मामला साबित होता है तो फिर उनको बड़ा झटका लगेगा. अगर जांच में विजय शाह के बयान को देशद्रोह के दायरे में पाया गया, तो उन्हें जेल की सजा हो सकती है. इससे उनकी सियासत भी कमजोर हो सकती है.

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