2 लाख में पापा को ले जाओ, 8 साल की बच्ची ने अपने पापा को बेचने का डाला नोटिस

आजकल के बच्चे और किसी चीज में तेज हो या फिर ना हो, लेकिन टेक्नोलॉजी में वो सबके बाप हैं। मोबाइल और लैपटॉप तो वो ऐसे चलाते हैं जैसे वह उनके लिए खिलौना है। मगर मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल उन्हें सिर्फ इतना ही करने देना चाहिए, जितनी उन्हें जरूरत हो। अगर उम्र के अनुसार उनकी परवरिश नहीं की जाएगी तो बच्चें काफी जिद्दी हो सकते हैं। ऐसा ही एक मामला आजकल चर्चा में बना हुआ है। जहां मामूली सी बहस के बाद एक 8 साल की बच्ची ने घर के बाहर अपने पिता को 2 लाख में बेचने के लिए नोटिस लगा दिया। इस नोटिस ने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है।
[metaslider id=152463]सोशल मीडिया पर आजकल एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर को माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X(पहले ट्विटर) पर Melanchoholic नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि बच्ची ने लिखा है, ‘फादर फॉर सेल ऑन 2 lakh, अधिक जानकारी के लिए घंटी बजाएं।’ इस फोटो के साथ शख्स ने कैप्शन में बताया है कि, ‘एक छोटी सी असहमति के बाद 8 साल की बच्ची ने हमारे अपार्टमेंट के दरवाजे के बाहर फादर फॉर सेल का नोटिस लगाने का फैसला किया। मुझे लगता है कि मुझे पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है।’ इस तस्वीर को लोग सोशल मीडिया पर काफी शेयर कर रहे हैं।

See also  चलती बाइक पर युवक-युवती का अश्लील हरकत, वीडियो जमकर वायरल, आने लगे प्रतिक्रिया 

[metaslider id=153352]

बता दें कि खबर लिखे जाने तक इस पोस्ट को 28 हजार से ज्यादा लोगों ने देख लिया है। इस अनोखे नोटिस को देखने के बाद लोगों ने कमेंट्स करते हुए मजाकिया अंदाज में शख्स के लिए दुख व्यक्त किया है। एक बंदे ने लिखा कि- भाई आप बड़ी मुसीबत में फंसने वाले हो। तो वहीं एक बंदे ने लिखा कि आज मैंने अबतक की सबसे ज्यादा हंसाने वाली चीज देखी है।

एक शख्स ने लिखा कि, ‘कोई बच्चा अपने माता-पिता को तो छोड़िए, किसी को भी बेचने की कल्पना भी कैसे कर सकता है, जब तक कि बच्चे को पहले ऐसे बयानों का सामना न करना पड़ा हो?’ इस बात पर पोस्ट शेयर करने वाले शख्स ने बताया कि, ‘बच्चे बहुत सी चीज़ों की कल्पना करते हैं। सवाल यह है कि क्या वे इसे व्यक्त करने में सहज हैं? उसने दर्जनों किताबें पढ़ी हैं जिनमें डेड पैरेंट्स, बैड पैरेंट्स जैसी किताबें शामिल हैं और वह नेटफ्लिक्स भी देखती है। तो यह आश्चर्य की बात नहीं है।’