जंतर-मंतर पर छात्रों को खाना बाटने वाले मुस्लिम युवक के घर पहुची पुलिस, माँ-पिता, ससुर सभी के बैंक खातों की हो रही जाँच, थाना के लगवा रहे चक्कर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन को 35 दिन पूरे हो चुके हैं। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने वाले गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव निवासी 26 वर्षीय मोहम्मद जुनैद मालिक इन दिनों सुर्खियों में हैं। जुनैद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं।

 

 

परिवार के अनुसार, 23 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे मसूरी थाना पुलिस जुनैद के घर पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद उनके पिता मुस्तफा को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया, जहां उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक समेत अन्य दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली गई। परिवार का कहना है कि रात करीब 11 बजे उन्हें वापस घर भेज दिया गया।

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परिजनों का दावा है कि 24 जुलाई को मुस्तफा को दोबारा थाने बुलाया गया, जहां पूरे दिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। परिवार का यह भी कहना है कि उसी दिन पुलिस मेरठ स्थित जुनैद की बड़ी बहन के ससुराल भी पहुंची और उनके ससुर से पूछताछ की। परिवार के मुताबिक पुलिस रिश्तेदारों और परिवार के बैंक खातों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी खाते में संदिग्ध या बाहरी स्रोत से धनराशि तो प्राप्त नहीं हुई।

 

 

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इस पूरे घटनाक्रम पर मोहम्मद जुनैद ने कहा कि वह पिछले 35 दिनों से जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सेवा कर रहे हैं। उनके अनुसार, लोग स्वेच्छा से भोजन, बिस्किट, पानी और अन्य सामग्री उपलब्ध कराते हैं, जिसे वह छात्रों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। मैं केवल छात्रों की सेवा कर रहा हूं। पुलिस अपनी जांच करे, मुझे उससे कोई आपत्ति नहीं है।”

जुनैद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें उनके नाम और धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

 

 

वहीं, पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि जांच का उद्देश्य केवल तथ्यों का सत्यापन करना है। यदि किसी वित्तीय या अन्य गतिविधि की जांच की जा रही है तो वह विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पुलिस ने अब तक इस मामले में किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष या आरोप सार्वजनिक नहीं किया है।

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फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिवार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।