एमपॉक्स का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा, कई देशों में इसके मामले देखे गए, WHO ने अब एक राहत भरी बात कही है

लंदन
 एमपॉक्स दुनिया भर में फैलता दिख रहा है। पूरी दुनिया इसे लेकर डरी हुई है। इस बीच WHO की ओर से एक राहत भरी खबर आई है। WHO ने कहा है कि एमपॉक्स का प्रकोप दूसरा कोविड-19 नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वायरस और इसे नियंत्रित करने के तरीकों के बारे में हमें बहुत कुछ पता है। डब्ल्यूएचओ के यूरोपीय निदेशक हंस क्लूज ने कहा क्लैड 1बी स्ट्रेन पर अधिक शोध की जरूरत है, जिससे WHO को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित करने की जरूरत पड़ी, ताकि एमपोक्स के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।

उन्होंने आगे कहा, 'हम एमपॉक्स से मिलकर निपट सकते हैं और हमें ऐसा करना चाहिए। क्या हम वैश्विक स्तर पर एमपॉक्स को नियंत्रित करने के लिए एक सिस्टम स्थापित करना चुनेंगे? या हम घबराहट और उपेक्षा के एक और चक्र में प्रवेश करेंगे? हम अभी और आने वाले वर्षों में कैसे प्रतिक्रिया करके हैं, यह यूरोपीय और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होगी।' जुलाई 2022 में WHO ने एमपॉक्स के कम गंभीर क्लैड 2बी स्ट्रेन के अंतरराष्ट्रीय प्रकोप पर PHEIC की घोषणा की जो ज्यादातर समलैंगिकों को प्रभावित करता था। मई 2023 में इसे हटा लिया गया।

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घातक हो सकता है एमपॉक्स

एमपॉक्स एक वायरल संक्रमण है जो मवाद से भरे घावों और फ्लू जैसे लक्षणों का कारण बनता है। आम तौर पर यह हल्का होता है। लेकिन कुछ मामलों में यह घातक हो सकता है। एमपॉक्स की क्लेड 1बी किस्म मरीज के संपर्क में आने से फैल रही है जिसने इसे दुनिया बर में चिंता का विषय बना दिया है। अफ्रीका में यह भयानक तरीके से फैल रहा है। लेकिन हाल ही में स्वीडन में भी ऐसा मामला मिला है। क्लुज ने कहा कि क्लेड 1 स्ट्रेन पर ध्यान केंद्रित करने से यूरोप को कम गंभीर क्लेड 2 स्ट्रेन पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है।

कोरोना की तरह नहीं फैलेगा एमपॉक्स

क्लुज ने कहा, 'एमपॉक्स नया कोविड नहीं है। हम जानते हैं कि एमपॉक्स को कैसे नियंत्रित किया जाए और यूरोपीय इलाकों में इसके फैलने से रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। दो साल पहले सबसे अधिक प्रभावित समुदायों के साथ सीधे जुड़ाव के कारण यूरोप में एमपॉक्स को नियंत्रित किया था।' उन्होंने काह, 'व्यवहार परिवर्तन, गैर-भेदभावपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्रवाई और एमपॉक्स टीकाकरण ने प्रकोप को नियंत्रित करने में योगदान दिया है।' क्लूज ने कहा कि एक सामान्य आबादी के लिए जोखिम कम है। यह पूछे जाने पर कि क्या यूरोप में लॉकडाउन लगेगा। इसे लेकर उन्होंने न में उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि इसके फैलने का अभी भी सामान्य तरीका त्वचा से त्वचा संपर्क है।

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