ठगों के एक गैंग का भंडाफोड़ करने पहुंचे यूट्यूबर को आठ अन्य लोगों को साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली
तिरुपति जिले में ठगों के एक गैंग का भंडाफोड़ करने पहुंचे यूट्यूबर को आठ अन्य लोगों को साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं ठग गैंग के भी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। श्री सत्य साई जिला पुलिस ने लोगों को नकली सोना बेचकर ठगने वाले गैंग के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा यूट्यूबर का एक ग्रुप भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दरअसल 20 अक्टूबर को रामापुरम बस स्टॉप के पास फायरिंग की घटना की जानकारी पुलिस को मिली थी। पता चला कि यहां ठग गैंग का एसपी वी रत्ना अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों को सेना बेचकर लूट लेता है। वह बेहद सस्ते रेट में सोना बेचता है। बाद में पता चलता है कि सोने की जगह कोई और धातु पकड़ा दी गई।

हाल ही में मानसनापल्ली गांव के रहने वाले केसरी नरेश को ठगों ने अपना शइकार बनाया था। इसके बाद नरेश ने एक हैदराबाद के यूट्यूबर अरविंद कुमार से संपर्क किया। उसने गैंग को अपे यूट्यूब चैनल के जरिए एक्सपोज करने का प्लान बनाया। अरविंदद ने 400 रुपये में दो नकली पिस्तौल खरीदीं। इसके बाद 20 अक्टूबर को ठगों के साथ मिलने का प्लान बना लिया।

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20 अक्टूबर को जब ठगों ने अरविंद को देखा तो उन्हें लगा कि ये पुलिसवाले हैं।अरविंद अपने कई साथियों के साथ सफारी सूट में खड़ा था। यूट्यूबर ने जब वीडियो बनाना शुरू किया तो ठग बाइक से भागने लगे। इसके बाद अरविंद के साथियों ने नकली पिस्तौल से फायरिंग शुरू कर दी। ठग वहां से भाग निकले लेकिन फायरिंग की बात जब पुलिस को पता चली तो अरविंद और उनके सात साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बाद में बाथलापल्ली पुलिस ने ठगों के गैंग के पोमार बांगारी और राणा हरीश को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो किलो नकली सोना भी मिला है। इसके अलावा गैंग के अन्य सदस्य फरार हैं। वहीं सार्वजनिक जगह पर पैनिक फैलाने के आरोप में यूट्यूबर अरविंद और उनके साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया। उनके पास से दोनों नकली पिस्तौल भी जब्त कर ली गईं।