पुतिन की आंखों में बसी हैं ये महिला, क्या रुकवाएगी रूस-यूक्रेन की जंग?

मॉस्को
 रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने रफ-टफ अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं. उनसे यूरोप-अमेरिका सब जरा डरकर चलते हैं. हालांकि, वो कई बार पुतिन का सॉफ्ट साइड भी दुनिया को हैरान कर देता है. ऐसी है एक नजारा तब देखने को मिला था जब पुतिन से एक दिन अचानक उनके बचपन की टीचर टकरा गई थीं. पुतिन ने उन्हें देखते ही गले लगा लिया और रूसी राष्ट्रपति के चेहरे पर वो स्माइल देखने को मिली जो बेहद रेयर है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि ये टीचर एकलौती महिला हैं, जो पुतिन को जंग रोकने के लिए राजी कर सकती हैं.

कौन है पुतिन की जिंदगी की ये अहम महिला?

पुतिन की इन टीचर का नाम वेरा दिमित्रीवना गुरेविच है, जिन्होंने पुतिन को बचपन के बुरे दौर से रूस का राष्ट्रपति बनते हुए देखा है और उन्हें यहां तक पहुंचने में मदद भी की है. अपनी आत्मकथा ‘व्लादिमीर पुतिन: माता-पिता: दोस्त: शिक्षक’ में वेरा ने बताया कि पुतिन स्कूल में कुछ शरारती बच्चों की संगत में आ गए थे, जिनका बुरा प्रभाव पड़ा था. पुतिन बचपन में बेहद फुर्तीले, बेचैन और ऊर्जा से भरे थे. वो एक जगह स्थिर होकर नहीं बैठते थे. पुतिन लगातार अपने क्लासमेट की नोटबुक में इधर-उधर देखते रहते थे और बार-बार उनका पेन-पेंसिल डेस्क के नीचे गिरती रहती थी.

See also  US में 87 लाख लोगों को करनी पड़ रही है एक से ज्यादा नौकरी, आखिर क्यों आई ऐसी नौबत!

वेरा ने बताया बचपन में कैसे थे पुतिन?

वेरा बताती हैं कि ‘पुतिन आसानी से झगड़ों में पड़ जाते थे और अपराधी पर झपट पड़ते, अपना पूरा वजन उस पर डालकर उसे पकड़ लेते, जैसे कोई बुलडॉग लड़ता हो’. वेरा सितंबर 1964 में, गुरविच पुतिन के घर गई थीं, जहां उन्होंने देखा कि एक 11 साल का बच्चा चूहों और कीड़े-मकोड़ों से भरे घर में जिंदगी बिता रहा है. पुतिन इस घर में दिन भर अकेले रहते थे और शाम 5 बजे तक उन्हें देखने वाला कोई नहीं होता था.

कैसे बदली थी पुतिन की जिंदगी

गुरविच ने उस बच्चे से कहा था ‘बस करो, अब और आवारागर्दी मत करो, पढ़ाई में लग जाओ’. ये सुनकर पुतिन ने पुतिन ने जवाब दिया कि ‘अगर वो चाहें तो अपना सारा होमवर्क एक घंटे में कर सकते हैं’. वेरा गुरविच समझ गईं कि इस पुतिन को मोटीवेशन की जरूरत है. उन्होंने पुतिन के गार्जियन की भूमिका निभाई और बदले में, पुतिन ने गुरविच की बेटियों की देखभाल करके अपना आभार व्यक्त किया. पुतिन कई बार अपनी टीचर के घर पर ही रुक जाते थे और खूब पढ़ाई करते थे. यही वजह है कि आगे जाकर उन्होंने कानून की डिग्री लेने का फैसला किया.

See also  ईरान-अमेरिका युद्ध में खाड़ी देश उतरे मैदान में, पहली बार सीधा हमला

रोक सकती है रूस-यूक्रेन जंग

पुतिन आज भी अपनी इस टीचर को हर रिश्ते से बढ़कर सम्मान और प्यार देते हैं. कहा जाता है कि वो आज भी जिंदगी के हर बड़े फैसले के बारे में अपनी 88 वर्षीय टीचर वेरा से जरूर बात करते हैं. ऐसे में कई लोगों का मानना है कि सिर्फ यही महिला है जो पुतिन को जंग रोकने के लिए मना सकती है.