जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम: CM साय ने पंचायत प्रतिनिधियों को दिए नेतृत्व के मंत्र

रायपुर

नवा रायपुर स्थित निमोरा में आज राज्य के नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेवा भावना और ईमानदारी से काम करने पर जनता हमेशा साथ देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने कई बार निर्विरोध चुनाव जीते हैं। विधायक और सांसद दोनों रूपों में जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है, क्योंकि जब भावनाएं सच्ची होती हैं, तब जनता भी मजबूती से साथ खड़ी रहती है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को अब डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है, जिससे योजनाएं और तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जबकि अब भाजपा सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है।

See also  छत्तीसगढ़-महासमुंद में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारियों ने निकाली बाइक रैली, हर घर तिरंगा फहराने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा पहले बस्तर में गोलियों की आवाजें आती थीं, अब वहां विकास की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है और यदि पंचायतों का सशक्तिकरण होता है तो छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। हम सब भी सीखने की प्रक्रिया में हैं। हमारे मंत्रीगण भी दो-दो बार प्रशिक्षण ले चुके हैं। आगामी समय में मैनपाट में भी इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की 11,000 पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा” की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी और स्थानीय प्रशासन तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेगा।

CM ने नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, “हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो जवाब भी मिलेगा।”

See also  छत्तीसगढ़-कोंडागांव में NH-30 पर शराबी का हंगामा, बीच सड़क पर लेटकर किया यातायात बाधित

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा कि पंचायतें यदि जागरूक और सक्रिय होंगी तो छत्तीसगढ़ के गांवों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शासन की गहराई को समझने और अपने क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहिए।

गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें पंचायत संचालन, वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों को शामिल किया गया। इससे नवचयनित जनप्रतिनिधियों को शासन की बारीकियों को समझने और बेहतर कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।

See also  ट्रैवल एंड ट्रेड फेयर कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई पहचान