TRAI के नए नियम से बदलेगा कॉलिंग सिस्टम!, क्या अब स्पैम कॉल ब्लॉक नहीं कर पाएगा Truecaller?, कंपनी ने जताई चिंता

 नई दिल्ली

अगर आप स्पैम कॉल से बचने के लिए Truecaller का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले दिनों में इस ऐप के काम करने के तरीके में बदलाव हो सकता है. इसकी वजह है कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और ट्रूकॉलर के बीच नया विवाद शुरू हो गया है। एक तरफ TRAI चाहता है कि कॉलर आईडी ऐप्स कुछ खास नंबरों को स्पैम के तौर पर टैग या ब्लॉक न करें. वहीं ट्रूकॉलर का कहना है कि ऐसा करने से साइबर ठगी और स्पैम कॉल बढ़े हैं और यूजर्स का भरोसा कम हुआ है।

यह विवाद सिर्फ ट्रूकॉलर तक ही नहीं है, बल्कि TRAI ने सरकार से ऐसी पावर भी मांगी हैं, जिनकी मदद से वह Truecaller, Hiya और Whoscall जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई कर सके। फिलहाल ये ऐप्स टेलीकॉम लाइसेंस के तहत नहीं आते, इसलिए TRAI सीधे इन पर कार्रवाई नहीं कर सकता. इसके लिए उसने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) से आईटी एक्ट के तहत अधिकार मांगे हैं।

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140 और 1600 सीरीज नंबर क्या हैं?
TRAI ने देश में कमर्शियल कॉल्स को ऑर्गनाइज करने के लिए अलग-अलग नंबर सीरीज तय की है. 140 सीरीज का इस्तेमाल प्रमोशनल और टेलीमार्केटिंग कॉल्स के लिए किया जाता है, जबकि 1600 सीरीज बैंक, बीमा कंपनियों और दूसरी संस्थाओं की सर्विस या ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल्स के लिए है. इसका मकसद यह है कि लोगों को आसानी से पता चल सके कि उन्हें किस तरह की कॉल आ रही है।

TRAI की आपत्ति क्या है?
TRAI का कहना है कि कॉलर आईडी ऐप्स इन ऑफिशियल नंबरों को स्पैम बताकर या ब्लॉक करके सरकार की नई व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं. अगर लोग 140 और 1600 सीरीज की कॉल उठाना बंद कर देंगे तो बैंक अलर्ट, पेमेंट अपडेट और दूसरी जरूरी जानकारी भी उन तक नहीं पहुंच पाएगी. इसी वजह से TRAI चाहता है कि ऐसे ऐप्स इन नंबरों को स्पैम के रूप में टैग न करें।

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Truecaller ने क्या जवाब दिया?
ट्रूकॉलर ने TRAI के आरोपों का खुलकर विरोध किया है. कंपनी का कहना है कि उसने पहले ही सरकार के नियमों का पालन करते हुए 140 और 1600 सीरीज नंबरों पर ट्रेडिशनल स्पैम चेतावनी (Spam Warning) दिखाना बंद कर दिया है. लेकिन इसका नतीजा उल्टा निकला है. कंपनी के मुताबिक, इन नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स बढ़ गई हैं और लोग अब इन नंबरों पर भरोसा नहीं कर रहे।

ट्रूकॉलर के सीईओ ऋषित झुनझुनवाला के मुताबिक, हर दिन करीब 4 लाख 140 सीरीज और 1.2 लाख से ज्यादा 1600 सीरीज की कॉल्स यूजर्स खुद ब्लॉक कर रहे हैं।

कंपनी का कहना है कि वह इन नंबरों पर स्पैम नहीं लिख सकती, इसलिए उसने ‘फ्रिक्वेंटली ब्लॉक्ड’ नाम का नया लेबल शुरू किया है, जिससे यूजर्स को पता चल सके कि उस नंबर को बड़ी संख्या में लोग ब्लॉक कर चुके हैं।

आगे क्या हो सकता है?
अगर MeitY, TRAI की मांग मान लेता है, तो फ्यूचर में कॉलर आईडी और स्पैम डिटेक्शन ऐप्स के लिए नए नियम बन सकते हैं.  इससे ट्रूकॉलर और दूसरे ऐप्स को यह तय करने में अधिक सख्ती का सामना करना पड़ सकता है कि किस नंबर को स्पैम दिखाया जाए और किसे नहीं।

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दूसरी ओर ट्रूकॉलर का कहना है कि यूजर्स को संदिग्ध कॉल्स की जानकारी देना उनकी सेफ्टी के लिए जरूरी है और किसी भी डिसिजन में असली डेटा को आधार बनाया जाना चाहिए।