महिला कोच में सफर करना पड़ेगा महंगा, पुरुष यात्रियों पर लगेगा ₹2500 तक का जुर्माना

नई दिल्ली

 ट्रेन से सफर के दौरान कुछ जरूरी नियमों का पालन भी करना होता है. रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए खास नियम बनाएं हुए हैं और खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग से आरक्षित कोच, सीट और बर्थ की व्यवस्था भी की हुई है. लेकिन अभी भी कुछ पुरुष यात्री महिलाओं के कोच में बैठ जाते हैं, लेकिन ऐसा करना अब भारी पड़ सकता है। 

ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने नियमों को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है. अब अगर कोई पुरुष यात्री महिला आरक्षित कोच, सीट या बर्थ पर बैठता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। 

 जुर्माना न भरने पर कोर्ट में ₹5000 जुर्माना भी लगेगा।

कितना लगेगा जुर्माना?

    अगर कोई पुरुष यात्री जानकर महिला कोच में सफर करता है तो ऐसे मामलों में 2500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। 
    साथ ही यात्री को तुरंत महिला कोच से बाहर निकाल दिया जाएगा। 

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    वहीं अगर कोई यात्री जुर्माना देने से इनकार करता है तो मामला सीधे कोर्ट तक जा सकता है। 
    इसके अलावा उस व्यक्ति पर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 
    रेलवे ने सख्त आदेश दिए है कि सफर के दौरान कोई भी पुरुष यात्री महिला कोच में प्रवेश न करें। 

गलती से महिला कोच में आ गए तो क्या होगा?
अगर गलती से आप महिला कोच में आ जाते हैं तो ऐसे मामलों में आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आप सबसे पहले अगले स्टेशन या फिर मौका देखते ही अपने कोच में चले जाएं. साथ ही आप इसकी जानकारी टीटीई को दे सकते हैं और उसे अपनी स्थिति के बारे में बता सकते हैं। 

रेलवे ने सख्त किए नियम
रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नए नियम 20 जून से लागू हो गए हैं. अब अगर कोई यात्री बिना टिकट सफर करता है या पहले इस्तेमाल हुई टिकट के साथ कोई यात्री दोबारा सफर करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और महिलाओं के कोच में सफर करना नियमों का उल्लंघन करना है. रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे के नियमों का अच्छे से पालन करें, ताकि किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। 

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यह एक व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है
सच कहें तो, यह कोई अलग-थलग बदलाव नहीं है। यह 1 जुलाई, 2026 से यात्रियों के लिए लागू किए गए अन्य सख्त रेलवे नियमों के साथ जुड़ा हुआ है, जैसे कि बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना दोगुना कर दिया गया है, और ट्रेनों में धूम्रपान और सामान बेचने पर अब 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इन सभी रेलवे जुर्माना नियमों का उद्देश्य पूरे नेटवर्क में अनुशासन को बढ़ावा देना है, जो वास्तव में प्रतिदिन 25 लाख से अधिक लोगों को यात्रा कराता है।

जमीनी स्तर
वैध टिकट, पहचान पत्र साथ रखें और बुनियादी नियमों का पालन करें। भारतीय रेलवे के नए जुर्माने के नियम अब सख्त हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये सिर्फ सामान्य ज्ञान पर आधारित हैं।

रेलवे टिकट के लिए न्यूनतम जुर्माना कितना है?
1 जुलाई, 2026
से, वैध टिकट के बिना यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो गया है, और इसके अलावा आपको वास्तविक किराया भी देना होगा।

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क्या रात 10 बजे के बाद ट्रेन में चढ़ने वाले यात्री टिकट चेक कर सकते हैं?
सामान्यतः
नहीं, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच स्लीपर या एसी डिब्बों में ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों को छोड़कर, बाकी सभी यात्रियों को रात 10 बजे के बाद टिकट चेक करने की अनुमति नहीं होती है।