तुलसी की देखभाल, पौधे को हमेशा हरा-भरा और कीड़ों से मुक्त रखने के 5 सीक्रेट तरीके

लोग शिकायत करते हैं कि नर्सरी से लाने के बाद हरा-भरा तुलसी का पौधा सूखने लगता है या उसमें काले कीड़े लग जाते हैं। ऐसे में गार्डनिंग एक्सपर्ट ने तुलसी को सही तरीके से उगाने और उसे लंबे समय तक हरा-भरा रखने के कुछ खास सीक्रेट्स बताए हैं। जो आपके काम आएंगे।

अक्सर लोगों का सवाल होता है कि नर्सरी से लाया हुआ हरा-भरा तुलसी का पौधा घर आते ही कुछ दिनों में सूख जाता है। अगर आप भी इस समस्या का सामना करते हैं तो यह जानकारी आपके काम आएगी। दरअसल, पौधे को लगाने के गलत तरीके और वातावरण में अचानक बदलाव के कारण वह शॉक में चला जाता है।

एवर ग्रीन गार्डन की एक्सपर्ट ने तुलसी को हरा-भरा रखने और उसे काले कीड़ों से बचाने के कुछ खास सीक्रेट्स शेयर किए हैं। सभी जानते हैं कि तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में न केवल पूजनीय है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी बेमिसाल हैं। अब अगर आप पौधे की अच्छी ग्रोथ देखना चाहते हैं तो सबसे पहले उगाने का सही तरीका जानें।

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जब आप नर्सरी से पौधा लाते हैं, तो वह वहां के वातावरण का आदी होता है। अगर आप दोपहर की तेज धूप में पौधा लाए हैं, तो उसे तुरंत दूसरे गमले में न लगाएं। सबसे पहले उस पर थोड़ा सा पानी छिड़कें और उसे घर के वातावरण में सेट होने के लिए एक-दो दिन का समय दें। तुरंत मिट्टी बदलने से पौधे की जड़ें कमजोर हो सकती हैं।
सही गमला और मिट्टी का चुनाव

तुलसी के लिए 6 से 8 इंच का गमला सबसे अच्छा होता है। ध्यान रहे कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हो। मिट्टी तैयार करते समय 60% गार्डन सॉइल, 20% कोकोपीट और 20% वर्मीकंपोस्ट का मिश्रण बनाएं। कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखता है और वर्मीकंपोस्ट पौधे को जरूरी पोषण देता है।
पौधा लगाने का सही तरीका

गमले को पहले 3 से 4 इंच तैयार मिट्टी से भरें। अब तुलसी के पौधे को बीच में रखें और चारों तरफ से मिट्टी भरकर हल्के हाथों से दबाएं। गमले को ऊपर तक न भरें, बल्कि ऊपर से 2 इंच खाली रहने दें ताकि पानी और खाद देने की जगह बनी रहे। मिट्टी को दबाना इसलिए जरूरी है ताकि जड़ों के पास हवा के बुलबुले न रहें।
एप्सम सॉल्ट और ह्मयूमिक एसिड

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पौधा लगाने के तुरंत बाद आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट और आधा चम्मच ह्यूमिक एसिड डालें। एप्सम सॉल्ट पौधे को रिपोटिंग शॉक से बचाता है और पत्तियों को हरा रखता है, जबकि ह्यूमिक एसिड जड़ों के विकास में मदद करता है। ध्यान रहे कि इस प्रक्रिया को हर महीने केवल एक बार ही दोहराना है।
पानी देने का नियम और सही जगह

पौधा लगाने के बाद उसे भरपूर पानी दें। शुरुआत में इसे सेमी-शेड वाली जगह पर रखें, जहां सीधी तेज धूप न आती हो। दोबारा पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी नजर आए। तुलसी की जड़ों में बहुत ज्यादा पानी जमा होने से वे सड़ने लगती हैं, जिसे 'रूट रॉट' कहते हैं।
काले कीड़ों से छुटकारा पाने का उपाय

अगर तुलसी पर काले कीड़े लग गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा सा डिशवॉश लिक्विड पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इसका छिड़काव पौधे पर करें। हल्दी एंटी-बैक्टीरियल होती है और कीड़ों को जड़ से खत्म कर देती है। छिड़काव के बाद अगले 24 घंटों तक पौधे पर सादा पानी न डालें।

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