तुर्की ने साफ किया: हम किसी नए गुट में शामिल नहीं होंगे, पाकिस्तान-सऊदी के ‘इस्लामिक NATO’ पर बयान

 नई दिल्ली

सितंबर 2025 में पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) किया. इस समझौते में दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि किसी एक पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा. पाकिस्तान इस संगठन को इस्लामिक देशों का NATO (North Atlantic Treaty Organization) बनाने की फिराक में है और इसी कड़ी में पाकिस्तान के करीबी दोस्त तुर्की से लगातार बातचीत चल रही है.

हाल ही में खबर आई कि तुर्की के इस डिफेंस पैक्ट में शामिल होने को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. लेकिन अब तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कुछ ऐसा कह दिया है जो पाकिस्तान को हजम नहीं होगा.

तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसे समूह में किसी का वर्चस्व नहीं होना चाहिए बल्कि कोई भी समझौता ज्यादा समावेशी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि तुर्की कोई नया गुट नहीं बनाना चाहता.

तुर्की के विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ का दिया हवाला

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तुर्की के विदेश मंत्री ने ये बातें गुरुवार को अल-जजीरा को दिए इंटरव्यू में कही. सऊदी अरब-पाकिस्तान रक्षा समझौते और उसमें तुर्की की संभावित भागीदारी पर सवाल के जवाब में फिदान ने कहा, 'न तुर्की का, न अरब का, न फारसी का, न किसी और का वर्चस्व…किसी का वर्चस्व नहीं चाहिए. क्षेत्रीय देश जिम्मेदारी के साथ एक साथ आ रहे हैं. आप देखिए न कि कैसे यूरोपीय संघ ने जीरो से शुरू करके आज तक खुद को एकसाथ रखा है. हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं?'

उन्होंने आगे कहा, 'हम कोई नया गुट नहीं बनाना चाहते. हम क्षेत्रीय एकजुटता का एक मंच बनाना चाहते हैं. ये समूह दो या तीन देशों से शुरू हो सकता लेकिन अगर समय के साथ यह बड़ा ढांचा बनता है तो अच्छा होगा.'

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा का जिम्मा बाहरी देशों के हाथों में नहीं सौंपना चाहिए.

कहां तक बढ़ी डिफेंस पैक्ट में तुर्की के शामिल होने की बात

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सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच बने रक्षा गठबंधन में तुर्की के शामिल होने को लेकर हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी. ब्लूमबर्ग ने कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें कहा गया था कि इस मुद्दे पर तीनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है. गठबंधन में अगर तुर्की शामिल होता है तो यह ब्लॉक त्रिपक्षीय रूप ले सकता है.

इससे पहले समूह में तुर्की के शामिल होने के लेकर पाकिस्तान ने टिप्पणी की थी. पाकिस्तान ने कहा था कि ब्लॉक में किसी भी तीसरे देश को शामिल करने का फैसला पाकिस्तान और सऊदी अरब, दोनों की आपसी सहमति से तय होगा.