हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : भारत को एक लोकतांत्रिक देश कहा जाता है, लेकिन 20 जुलाई को जो राजधानी में छात्रों के साथ हुआ उसे देखकर नहीं लगता की यह एक लोकतांत्रिक देश होगा। जहाँ आवाम की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिसिया बल का प्रयोग किया जाए| कहते है छात्र देश का भविष्य होते है लेकिन जब इनके भविष्य के साथ खेल खेला जाए तो गुस्सा होना सामान्य बात है, सरकार की पूरी जवादेही बनती है |

हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : छात्र अपने भविष्य और अपनी की गई मेहनत के खिलाफ हुए आघात को लेकर महीने भर तक धरना प्रदर्शन के बाद सड़क पर मार्च करने निकले थे। न हीं उनके हाथों में हथियार थे और ना ही कोई ऐसी चीज जिससे कि लोकतंत्र खतरे में हो। बावजूद इसके पुलिस की बर्बरता जिस प्रकार छात्रों पर देखने को मिली उससे पता चलता है कि प्रशासन किसी दुश्मन पर अपना गुस्सा निकाल रही हो।
दिल्ली के jantar mantar में बिना किसी सवाल जवाब किए छात्रों व युवाओं को पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटा जा रहा है। pic.twitter.com/xfH0LFYW8i
— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) July 20, 2026
हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : सड़क पर उतरने वाले सभी देश के कोने-कोने से आए हुए छात्र-छात्राएं थे । जो पिछले एक माह से अपने साथ हुए अन्य को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर बैठे हुए थे। वह इंतजार कर रहे थे की कब देश की सत्ता में बैठे सरकार आए और उनकी तकलीफें पूछे जिससे उनकी परेशानियों का समाधान निकल आए।
अनुच्छेद 19(1)(a) – वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech and Expression) ✅
इसका अनुच्छेद का पूरा उल्लंघन किया जा रहा है 🙏 🙏 #CJPProtestUpdate pic.twitter.com/CiTLG6L7kr
— Ajay CHOUDHARY (@AjayBha45861732) July 21, 2026
ज़ुल्म की उम्र लंबी नहीं होती; समय अंततः हर तानाशाही से हिसाब लेता है। pic.twitter.com/sP1nfAiM4S
— Dr. Laxman Yadav (@DrLaxman_Yadav) July 21, 2026
What the bloody hell???
How dare your police targets women’s private parts Amit Shah?
Sick pic.twitter.com/rtjdgWwspp
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) July 21, 2026
इन तीनों तस्वीरों को देखकर बताओ क्या ये आपको दिल्ली पुलिस के जवान लग रहे हैं?👇🏻
एक स्नीकर्स व जीन्स पहने हुआ है, एक चप्पल पहनकर छात्रों को पीट रहा है, एक स्पोर्ट्स जूते पहने है, एक पुलिस की वर्दी पहने हुआ है जिसपर कोई टैग या बैच नहीं लगा, चेहरे पर दाढ़ी है
यह बहुत बड़ा व गंभीर… pic.twitter.com/ShAJUgKjTu
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) July 21, 2026
हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आने पर छात्रों ने 20 जुलाई को सांसद मार्च निकालने की योजना बनाई। यह योजना पिछले एक सप्ताह से बनी हुई थी। इस दौरान भी सरकार की ओर से कोई बच्चों से बातचीत करने नहीं आया। बल्कि पुलिस द्वारा लगातार उनको परेशान करने लगे।
Protestor to Delhi Police: “Kaiko maar raha hai…. Pagal hai? Goli maar de isse accha” pic.twitter.com/DxhNwuh3Vm
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) July 20, 2026
हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : लोकतंत्र में जनता द्वारा बनाए गए प्रतिनिधि ही देश में राज करते हैं, पूरे देश के लिए वही जिम्मेदार होते हैं| लोगों को अपनी मांगे या बातों को सामने रखने के लिए धरना प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ता है। जो एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। देश की सत्ता में बैठे लोगों को छात्रों के सवालों का जवाब देना उनकी मज़बूरी है। और छात्रों को सवाल पूछना उनका अधिकार है।
जब सरकार अपनी जवाब दे ही से भागने लगे तब इस तरह की नौबत आना सामान्य से बात है। 20 जुलाई को जो हुआ वह इसी का ही नतीजा है। सरकार जवाब देने के बजाय छात्रों के प्रदर्शन से मुंह मोड़ रही है|
चप्पल वाली पुलिस 😱😱 pic.twitter.com/nKNgdwaf6F
— Atul Londhe Patil (INDIA Ka Parivar)🇮🇳 (@atullondhe) July 21, 2026
मोदी ही नहीं चाहिए ये clear हो गया है.. मोदीजी आप क्यों ज़बरदस्ती लोगों के मम्मी पापा मसीहा बने हो, लोग नहीं चाहते है आपको.. इतना मौज काट लिया है झूठ फरेब करके, अब देश को बख्स दो न प्लीज pic.twitter.com/k0oUjs4WfD
— Rajeev Nigam (@apnarajeevnigam) July 20, 2026
पत्थर फेंके पुलिस और लाठी खाये छात्र, ये अब नही चलेगा। pic.twitter.com/n1LBpQ74oi
— Dinesh Kumar (@DineshRedBull) July 21, 2026
हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : संसद मार्च के दौरान पुलिस और सादे भेष में पहुंचे कुछ तथाकथित लोगों द्वारा जिस बर्बरता से बच्चों पर लाठी चलाई है। वह लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। सोसल मिडिया के दौरान में आज हर किसी के पास कैमरावाला मोबाइल है, जिससे वह अपने आसपास की घटना कैद कर लेते हैं| लाठीचार्ज का हर एक दृश्य किसी ना किसी कैमरा में कैद हो चूका है|
सराफत और नफरत से छात्रों पर लाठी मारने वाले सभी चेहरे बेनकाब हो गए है|अब लाठी खाए हुए बच्चे कल किसी क्षेत्र में जब देश का नाम रोशन करेंगे तब यह लाठी चलाने वाले किस मुंह से उनका सामना करेंगे| या फिर उनके मन में इनके या इनके परिवार के प्रति किस तरह का भाव जागेगा आप समझ सकते हैं| आज की नफरत की आग कल भी रहेगी|
Sandeep Lamba, Additional DCP of Delhi Police, slapped a girl in the face on camera.
How can a male police officer even touch a female protestor, let alone slapping her?
I hope someone sue this arrogant prick. #CJPProtests pic.twitter.com/ttkgBicfZR
— Jaswinder kaur (@TheReal_Jassi) July 21, 2026
दिल्ली पुलिस को जल्द इस मुद्दे पर अपना स्पष्टीकरण रखना चाहिए कि बिना बैच व सादा कपड़ों में हाथ में लठ्ठ लेकर छात्रों को पीटने वाले ये लड़के कौन हैं..?? pic.twitter.com/uucHf5ki44
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) July 21, 2026
जिनके आदेश पर ये सब हुआ,
वो माँ की कोख से ही जन्म लिए है ना? pic.twitter.com/zwy3Mm7TqP— Srinivas BV (@srinivasiyc) July 21, 2026
हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : पुलिस की लाठी से घायल हुए छात्रों को मदद देने के लिए पहुंचे अन्य छात्रों को जिस तरह से पुलिस ने बेरहमी से लाठियां से मारा यह शर्मसार कर देने वाला है। पुलिस की लाठियां तो आपराधियों पर चलाने के लिए होती है लेकिन शांतिपूर्ण ढंग से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बरसाना भविष्य की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
अरे रुबिका लियाकत यह खबरें नहीं दिखाओगी
दिल्ली पुलिस के जवान लड़कियों और औरतों के साथ मारपीट कर रहे हैं। pic.twitter.com/XwrKCgyTm6
— Kavish aziz (@azizkavish) July 21, 2026

हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : बच्चियों पर जिस बर्बरता से पुलिसकर्मियों ने लाठी चलाई उससे लग रहा है कि इस देश से इंसानियत खत्म हो चुकी है। लगता है लाठी चलाने वाले पुलिसकर्मी बच्चों को रोकने नहीं किसी आतंकवादी को रोक रहे हैं। जो देश के लिए खतरा हो | गौर करने वाली बात है की लाठी मारने से पहले सभी पुलिस वालों ने अपने नेम प्लेट निकाल दिए थे| इस संबंध में जब एक पत्रकार ने पूछा तो महिला पुलिस अधिकारी ने कहा नेम प्लेट से गर्मी लग रही थी इस लिए निकालनी पड़ी |
दाढ़ी वाली पुलिस pic.twitter.com/5KTgPyQHtx
— National Dastak (@NationalDastak) July 21, 2026

मैंने रैपिड एक्शन फोर्स से पूछा, लाठीचार्ज के पहले जवानों ने नेमटैग क्यों हटाए?
जवाब आपको चौंका देगा 👇🏼👇🏼 pic.twitter.com/VE6FNhgIF5
— Siddhant Mohan (@Siddhantmt) July 21, 2026
हम तो शहीद है हर युग में जन्म लेंगे : हम यह भी कह सकते हैं जब सत्ता बहरी हो जाती है सुनने से इंकार करती है, संवाद को विवाद में बदलती है तब लोकतंत्र में इस प्रकार की नौबत आती है | छात्रों मुफ्त में या खैरात में कुछ नहीं मांग रहे थे | वो तो बस पूरी ईमानदारी से परीक्षा कराने की ही मांग कर रहे थे | वो शांति तरीके से सरकार चाहती तो यह मसला महीने भर पहले ही खत्म हो सकता था| लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबी यह सरकार सब कुछ जानते हुए आँख मूंदकर चुपचाप बैठी हुई है और देश के मुखिया बच्चों की मांगों को नज़र अंदाज़ कर देश विदेश का दौरा कर रहे है |
“Ye Mujhe Bhen ki L*wdi Bola” pic.twitter.com/MvwBatcPqt
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) July 21, 2026