ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 शुरू, 123 भारतीय खिलाड़ी मैदान में

स्कॉटलैंड
 स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में गुरुवार को 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की रंगारंग शुरुआत हो गई. इस दौरान एक रंगीन और खास स्कॉटिश ओपनिंग सेरेमनी में अपनी वाइब्रेंट कल्चर दिखाई दिया. किंग चार्ल्स III ने OVO हाइड्रो में क्वीन कैमिला, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम और कॉमनवेल्थ खेल के अध्यक्ष डोनाल्ड रुकारे की मौजूदगी में खेल शुरू हुए. बता दें, यह स्कॉटिश शहर में 12 साल में दूसरी बार मल्टी-स्पोर्ट इवेंट होस्ट करने का मौका था.

किंग चार्ल्स III ने कॉमनवेल्थ डे (10 मार्च, 2025) पर बकिंघम पैलेस में किंग्स बैटन में रखा मैसेज पढ़ा. इसके साथ ही गेम्स की ऑफिशियल ओपनिंग हो गई, जो 2 अगस्त तक चलेगी. यह पहली कॉमनवेल्थ गेम्स ओपनिंग सेरेमनी है जो इनडोर होगी. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इस बार 74 देशों के करीब 3 हजार खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. जिसमें अफ्रीकी देशों ने 13 हजार क्षमता वाले इनडोर एरिना में राष्ट्रों की परेड का नेतृत्व किया. उनके बाद अमेरिका, एशिया, कैरिबियन, ओशिनिया और यूरोप के देशों ने हिस्सा लिया.

See also  Women's World Cup 2025: भारतीय महिला टीम का ऐलान, 15 खिलाड़ियों को मिला मौका

बात ओपनिंग सेरेमनी की करें तो स्कॉटिश लाइनअप की झलक देखने को मिल रही थी. सेरेमनी में ग्रैमी-नॉमिनेटेड सिंगर-सॉन्गराइटर केटी टुनस्टॉल और टॉम वॉकर थे, और नीना नेस्बिट, कैलम बीट्टी, नाथन इवांस, सेंट PHNX, और इलेक्ट्रो-सेल्टिक जोड़ी वाल्टोस ने भी परफॉर्म किया. मेल मेंबर्स ने फॉर्मल सूट और फीमेल पार्टिसिपेंट्स ने ट्रेडिशनल साड़ी और ब्लेजर पहने हुए थे. इंडियन टीम एथलीट्स की परेड में शामिल हुई, जहां ऑडियंस ने उनका जोरदार स्वागत किया गया.

ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन के नेतृत्व में झंडा और बैटन लेकर भारतीय दल ब्रुनेई दारुस्सलाम के बाद और मलेशिया से पहले आया. भारत का प्रतिनिधित्व आठ शारीरिक रूप से सक्षम और पांच पैरा खेलों में 123 एथलीट कर रहे हैं. राष्ट्रमंडल खेल 2026 को आयोजित करने वाला देश ग्लास्गो स्कॉटलैंड ने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स की परंपरा के अनुसार सबसे आखिर में एंट्री की. जानकारी के मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में, 74 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों के लगभग 3,000 एथलीट अगले 10 दिनों में चार जगहों पर 10 खेलों में हिस्सा लेंगे और 215 गोल्ड मेडल जीतेंगे.

See also  मैनचेस्टर टेस्ट में पहले दिन का खेल खत्म, भारत ने 4 विकेट खोकर बनाए 264 रन, पंत रिटायर हर्ट

इनमें से छह खेल एक साथ पैरा इवेंट्स होस्ट करेंगे, जिससे ऑर्गनाइजर्स के सबको साथ लेकर चलने वाले गेम्स के विजन को और मजबूती मिलेगी. इस बार के खेल का बजट बहुत कम है, और ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के बढ़ते खर्च की वजह से इवेंट से हटने के बाद ग्लासगो ने इसे होस्ट करने की जिम्मेदारी ली है. 2014 के राष्ट्रमंडल खेल को सफलतापूर्वक आयोजित करने के बाद, स्कॉटिश शहर ने एक बार फिर अपने दरवाजे खोल दिए हैं, इस बार यह इवेंट लगभग 160 मिलियन पाउंड के बजट पर हो रहा है, जो बर्मिंघम 2022 से लगभग 60 प्रतिशत कम है, और यह पूरी तरह से मौजूदा जगहों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर है.

भारत ने बर्मिंघम में 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 22 गोल्ड समेत 61 मेडल जीते थे, लेकिन इस बार शूटिंग, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और क्रिकेट जैसे पारंपरिक रूप से ज़्यादा मेडल जीतने वाले खेलों के न होने से मेडल की संख्या पर असर पड़ेगा. भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले एडिशन की मेजबानी कर रहा है, जो 17 खेलों के साथ एक फुल-फ्लेज्ड इवेंट होगा.

See also  अफगान क्रिकेटर्स ने दिखाया इंसानियत का चेहरा, पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के घायलों से काबुल में की मुलाकात