मथुरा जेल में 898 बंदियों ने बहनों से राखी बंधवाई, अपराध छोड़ने का लिया संकल्प

मथुरा
भाई-बहन के अटूट रिश्ते, विश्वास और प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन शनिवार को जिले भर में धूमधाम व शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया। भाई-बहन के प्रेम की मिठास की महक जिला कारागार में भी खूब रही। 898 बंदियों ने बहनों से राखी बंधवाकर अपराध छोड़ने का वचन दिया। जिला कारागार ने बहनों के लिए परिसर में टेंट, ठंडा पानी और शरबत आदि की व्यवस्था कराई। 1549 महिलाएं और 767 बच्चे के साथ 2316 स्वजन ने बंदियों से मुलाकात की। रक्षा बंधन पर्व पर शनिवार सुबह वर्षा कुछ देर के लिए बाधा बनी, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद जिला कारागार के बाहर बहनों व स्वजन की लंबी कतारें लगीं। हर चेहरे पर बंदी भाई से मिलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की उत्सुकता झलक रही थी।

कारागार प्रशासन ने तेज़ धूप और गर्मी से बचाने के लिए टेंट लगाए गए और ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारियों ने कारागार के बाहर ठंडा पानी और शरबत के काउंटर लगाए, ताकि मुलाकात के लिए आए लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। बहनों व बच्चों को एक-एक पैकेट बिस्कुट और चाकलेट दी गई।

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बहनों को जेल प्रशासन की ओर से राखी, रोली और चावल भी उपलब्ध कराए गए। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर जिला कारागार में 1549 महिलाएं और 767 बच्चे 898 बंदी भाइयों से मिलने पहुंचे। वहीं बाहर से आए 10 पुरुषों ने भी जेल में बंद बहनों से विशेष मुलाकात की और राखी बंधवाई।