एक मां अपने बच्चे से कितनी मोहब्बत करती है, इसके हमने अपनी जिंदगी में किताबों में कई उदाहरण देखे हैं। कई कहानियां भी पढ़ी हैं और पूरी दुनिया ये मानती भी है कि मां और उसके बच्चे का रिश्ता दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता है। लेकिन कभी-कभी इस रिश्ते में भी कमजोरी देखने को मिलती है। इस कमजोरी की वजह कोई भी हो, लेकिन यह रुला देने वाला है।
ऐसा ही एक मामला जमशेदपुर में सामने आया है। यहां के कदमा थाना क्षेत्र के फॉर्म एरिया में गुरुवार सुबह मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक महिला अपने चार साल दिव्यांग बच्चे को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गई। काफी देर तक मासूम के अकेले पड़े रहने के बाद स्थानीय लोगों की नजर उसपर पड़ी, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
गोद में लेकर बैठी थी, अचानक फरार हो गई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह एक महिला बच्चे को गोद में लेकर सड़क किनारे बैठी थी। आसपास के लोगों को लगा कि वह किसी का इंतजार कर रही है। कुछ देर बाद महिला अचानक बच्चे को जमीन पर छोड़कर चली गई। काफी समय बाद भी जब वह नहीं लौटी तो लोगों को शक हुआ और भीड़ जुट गई। लोगों ने बताया कि बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग है। वह न तो ठीक से चल पा रहा था और न ही स्पष्ट रूप से कुछ बता पा रहा था। पूछताछ के दौरान वह अपने घर, माता-पिता या पते के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सका। लोगों ने आशंका जताई कि बच्चे की दिव्यांगता से परेशान होकर ही उसे इस तरह बेसहारा छोड़ दिया गया।
चाइल्ड लाइन में है बच्चा
इस घटना की सूचना मिलने पर कदमा थाना पुलिस पहुंची और बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर थाने ले गई। वहां महिला पुलिसकर्मियों और जवानों ने बच्चे को भोजन कराया तथा उसकी देखभाल की। मामले की सूचना चाइल्ड लाइन को भी दी गई। फिलहाल बच्चा चाइल्ड लाइन की निगरानी में है। इधर, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बच्चे को छोड़कर फरार हुई महिला की पहचान की जा सके।