छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ दिख रहा सीधा प्रभाव, 12 जिलों में रेड ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश और यानम तट के करीब पहुंच चुका है, जिसका सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ में दिखने लगा है. राजधानी में मंगलवार को समुद्र से आई ठंड हवाओं ने मिजाज बदला. आसमान में बादल छाए और अधिकतम तामपान में गिरावट हुई. बस्तर संभाग में बारिश का दौर शुरू हो गया है. आज से दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई. वहीं ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है.

 

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मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने 12 जिलों को अति संवेदनशील मानते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में 1,769 संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और 779 राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कोंडागांव सहित कई जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, किसानों को अगले कुछ दिनों तक धान और अन्य फसलों की कटाई रोकने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो बढ़कर 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है. मौसम को देखते हुए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है.

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मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क रहा. इस दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया. रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में 28 अक्टूबर को आकाश सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है. कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. शहर में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.  मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है. इस दौरान वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है.

28 अक्टूबर को इन जिलों में अलर्ट

रेड अलर्ट: बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव.

ऑरेंज अलर्ट: कांकेर, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, मुंगेली और सारंगढ़-बिलाईगढ़.

येलो अलर्ट: सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सक्ती, कोरबा, जांजगीर-चांपा और नारायणपुर.

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29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

रेड अलर्ट: कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और बलरामपुर.

ऑरेंज अलर्ट: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा.

येलो अलर्ट: सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर.

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चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए दक्षिण तट रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और रेल संचालन को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केके लाइन पर चलने वाली ट्रेनों सहित कुल 56 ट्रेन सेवाओं को रद्द या पुनर्निर्धारित किया गया है, जबकि 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है. ये बदलाव 27, 28 और 29 अक्टूबर के लिए घोषित किए गए हैं. रेलवे अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं. यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करें और पर्याप्त समय लेकर स्टेशन पहुंचें. छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया है. विभाग के आदेश के अनुसार, कलेक्टर अपने-अपने जिलों में मौसम की स्थिति का आकलन कर विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर निर्णय ले सकेंगे.

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चक्रवाती तूफान ‘अर्नब ’ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है. सुबह से जिले में काले बादल छाए हैं और हल्की बारिश हो रही है. कांकेर कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर राहत शिविरों में भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है. वहीं गरियाबंद जिले के स्कूलों में प्रशासन ने छुट्टी घोषित कर दी है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान भी प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है. उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.

 

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