हत्या के बाद अपराधी के सामने सबसे बड़ा सवाल अक्सर यही होता है कि अब क्या किया जाए? अपराध करने के बाद घबराहट, डर और पकड़े जाने की आशंका व्यक्ति को कई ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर सकती है, जो बाद में उसी के खिलाफ सबूत बन जाते हैं.
सोशल मीडिया पर इन दिनों डेथ इन्वेस्टिगेटर Barbara Butcher का एक बयान चर्चा में है. LADbible Stories के एक इंटरव्यू में उनसे अपराधियों द्वारा शव को दफनाने को लेकर सवाल किया गया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शव को दफनाना कोई अच्छा विचार नहीं है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ वायरल हो गया कि हत्या के बाद लाश को दफनाना अपराधियों की सबसे बड़ी गलतियों में से एक होता है और इसी तरह के मामलों में जांचकर्ता महत्वपूर्ण सुराग हासिल कर सकते हैं.
इसका जवाब फोरेंसिक विज्ञान और अपराध जांच की प्रक्रिया में छिपा है. Barbara Butcher अमेरिका की जानी-मानी डेथ इन्वेस्टिगेटर रही हैं. उन्होंने लंबे समय तक न्यूयॉर्क शहर में मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय के साथ काम किया और अनेक मौतों की जांच से जुड़े मामलों में अनुभव हासिल किया है. उनके काम में संदिग्ध मौतों की जांच, घटनास्थल से जुड़ी जानकारी और मृत्यु की परिस्थितियों को समझने की प्रक्रिया शामिल रही है. इसी अनुभव के कारण अपराध और मृत्यु जांच से जुड़े उनके बयान सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचते हैं. LADbible Stories के “Honesty Box” कार्यक्रम में उन्होंने अपने अनुभवों से जुड़े कई पहलुओं पर बात की. इसी बातचीत में शव को दफनाने के मुद्दे पर उनकी टिप्पणी सामने आई.
अपराधी शव को छिपाने की कोशिश क्यों करता है?
हत्या जैसे गंभीर अपराध के बाद अपराधी के सामने सबसे बड़ा डर पकड़े जाने का होता है. इसी डर के कारण वह घटनास्थल से जुड़े सबूतों को छिपाने या घटना को सामान्य दिखाने की कोशिश करता है. शव अपराध की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक होता है. शव की पहचान, चोटों की प्रकृति और मृत्यु का कारण जांचकर्ताओं को घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं. इसीलिए अपराधी को लग सकता है कि अगर शव ही नहीं मिलेगा तो जांच मुश्किल हो जाएगी. लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है. शव को दफनाने के कारण मिट्टी के पोर्स खुले रह जाते हैं जिससे आने वाली गंध से कुत्ते उसे ढूंढ निकालते हैं. इसके अलावा वहां की मिट्टी, उगी हुई घास आदि से भी खुलासा हो जाता है. Barbara Butcher की टिप्पणी का मूल संदेश यही था कि शव को दफनाना अपराध छिपाने का भरोसेमंद तरीका नहीं है.