सहारनपुर के देवबंद में दो पक्षों में भूमि विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में नगीना सांसद चंद्रशेखर को गांव जाने से पुलिस ने रोक दिया। सांसद अपने आवास पर 8 घंटे हाउस अरेस्ट रहे। इसके बाद सांसद चंद्रशेखर जिला अस्पताल पहुंचे और वहां ललवाला बवाल में घायल हुए भर्ती लोगों हालचाल जाना।

सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में दो पक्षों में भूमि विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर को गांव जाने से पुलिस ने रोक दिया। सांसद अपने आवास पर 8 घंटे हाउस अरेस्ट रहे। इसके साथ ही उनकी कॉलोनी भी छावनी में तब्दील रही। इसके बाद सांसद चंद्रशेखर जिला अस्पताल पहुंचे और वहां ललवाला बवाल में घायल हुए भर्ती लोगों हालचाल जाना। अस्पताल में उपचार व्यवस्था को लेकर नाराज सांसद ने चिकित्सकों और स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। दरअसल देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव लालवाला में दो बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। शनिवार को देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। जिसके बाद खूनी संघर्ष और पथराव में कई लोग घायल हुए।

8 घंटे हाउस अरेस्ट रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर
रविवार को दलित समाज से जुड़े नरेश कुमार से मिलने के लिए नगीना सांसद चंद्रशेखर के आने की चर्चा के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। छुटमलपुर में गांव हरिजन कॉलोनी स्थित सांसद चंद्रशेखर के आवास के बाहर सुबह से ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई सर्किल के सीओ, इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। पुलिस ने सांसद को हाऊस अरेस्ट कर उनको लालवाला नहीं जाने दिया। उनका आवास और कॉलोनी छावनी में तब्दील हो गई। सांसद गांव लालवाला में जाने की बात करते रहे, लेकिन पुलिसकर्मी उनको गांव में न जानने से रोकने के प्रयास में लगे रहे। पुलिस अधिकारियों ने सांसद को तर्क दिया कि विवाद बढ़ सकता है। करीब आठ घंटे सांसद चंद्रशेखर हाऊस अरेस्ट रहे। इस दौरान सांसद के आवास और कॉलोनी में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।