महायुति में साथ, RSS से दूरी! संघ के कार्यक्रम से अजित पवार के किनारे रहने पर कांग्रेस का तंज

मुंबई 
महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन में शामिल अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से दूरी बनाकर रखी है। रविवार को संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के नागपुर स्थित स्मारक पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तो पहुंचे लेकिन एनसीपी से कोई नजर नहीं आया। इस बारे में जब पार्टी नेता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एनसीपी महायुति में राज्य के विकास के लिए शामिल हुई है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब अजित पवार और उनकी पार्टी के विधायकों ने हेडगेवार के स्मारक पर जाने से परहेज किया हो।
 
प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा कि पार्टी की विचारधारा छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले और बी आर आंबेडकर जैसे समाज सुधारकों की प्रगतिशील सोच पर आधारित है। उन्होंने दोहराया कि यह पहली बार नहीं है जब अजित पवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक के स्मारक पर जाने से दूरी बनाई है। उन्होंने कहा, “हम अपने सिद्धांतों पर कायम हैं और हमारा ध्यान राज्य के विकास पर है।”

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महायुति में उठी इस दरार का फायदा उठाने के लिए कांग्रेस की तरफ से तुरंत ही एक बयान सामने आ गया। पार्टी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि राकांपा मंत्रिमंडल बैठकों में आरएसएस की “विचारधारा” सुन रही है और अगर पवार की पार्टी उससे सहमत नहीं होगी, वह सत्ता में नहीं रह सकती।

सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरएसएस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने वाली विचारधाराओं को बढ़ावा देता है। शिंदे और शिवसेना विधायकों के हेडगेवार स्मारक जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनका ध्यान “पैसा बांटकर सत्ता हासिल करने और संवैधानिक लोकतंत्र को नष्ट करने” पर है।

कांग्रेस नेता ने यह दावा भी किया कि सौ साल से अधिक समय से अस्तित्व में रहने के बावजूद आरएसएस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि हिंदुत्व का वास्तविक अर्थ क्या है। उन्होंने कहा, “कम से कम अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि हिंदुत्व वास्तव में क्या है।”

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इससे पहले रविवार सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सत्तारूढ़ भाजपा एवं शिवसेना के विधायकों ने हेडगेवार के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन अजित पवार और उनके नेतृत्व वाली राकांपा के नेता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

इस समय नागपुर में महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र जारी है। हर साल इस सत्र के दौरान भाजपा के मंत्री और विधायक रेशिमबाग में स्थित स्मृति मंदिर में आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर के स्मारक पर जाते हैं। विधानसभा में 41 विधायकों वाली राकांपा की ओर से पिछले साल केवल विधायक राजू करेमोरे और राजकुमार बडोले स्मृति मंदिर पहुंचे थे।