दो विकेट ले चुके क्रिस वोक्स को मौके गंवाने का अफसोस, कहा- रिव्यू के नियम बदले जाएं

नई दिल्ली
इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने स्वीकार किया कि दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अंपायरों के कुछ फैसले भारत के पक्ष में जाने के बाद वह निराश हो गए थे। वोक्स अपनी शानदार लाइन और लेंथ के साथ मेजबान टीम के लिए सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए और उन्होंने पहले दिन 18 ओवर में 59 रन देकर दो विकेट लिए। वोक्स की गेंदबाजी पर इंग्लैंड ने दो रिव्यू लिए जिन पर तीसरे अंपायर का फैसला भारत के पक्ष में गया। इस तेज गेंदबाज ने इसे निराशाजनक करार दिया।

वोक्स ने बुधवार को पहले दिन खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वास्तव में निराशाजनक था। जब आप टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होते हैं तो भावनाएं हावी हो जाती हैं। अगर ये फैसले हमारे पक्ष में होते तो दिन पूरी तरह से अलग होता, लेकिन यह टेस्ट क्रिकेट है और हम इन चीजों को आत्मसात करके आगे बढ़ते हैं। ’’ इनमें से पहला मामला सातवें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 14 रन था और वोक्स ने यशस्वी जायसवाल के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील की थी। दूसरा मामला 11वें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर एक विकेट पर 21 रन था और करुण नायर भी इसी तरह के रिव्यू से बच गए।

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दोनों अवसरों पर डीआरएस से पता चला कि गेंद स्टंप से टकराती, लेकिन यह बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला के नॉट आउट के फैसले को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं था। वोक्स ने कहा, ‘‘अगर यह फैसले हमारे पक्ष में जाते तो हम उनका स्कोर तीन विकेट पर 30 रन कर सकते थे और तब स्थिति पूरी तरह से भिन्न होती। यह फैसले हमारे पक्ष में भी जा सकते थे लेकिन हम इस खेल को इसी तरह से खेलते हैं। 

जायसवाल ने 87 और नायर ने 31 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 114 रन बनाकर पारी को संभाला और स्टंप तक अपनी टीम का स्कोर पांच विकेट पर 310 रन तक पहुंचाया। हालांकि वोक्स ने माना कि डीआरएस ने क्रिकेट में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सामान्य सुधार किया है, लेकिन उन्होंने इसमें एक विशेष बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय समीक्षा प्रणाली ने सामान्य तौर पर अच्छे फैसले दिए हैं लेकिन मैं केवल यही कहना चाहूंगा कि यदि बल्लेबाज गेंद को छोड़ने का निर्णय लेता है और गेंद तब भी स्टंप्स पर लग रही है, तो मुझे लगता है कि उसे आउट दिया जाना चाहिए।’’

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