‘पापा ने देखी है नरक जैसी जिंदगी’ – Trishala Dutt का Sanjay Dutt पर बड़ा खुलासा

मुंबई
संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त अक्सर अपनी बेबाक राय रखती हैं और आलोचनाओं का सामना करने के बावजूद भी अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचकिचातीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में त्रिशाला ने बताया कि एक्टिंग करना उनका जुनून कभी नहीं था, फिर भी वो अपने पिता के साथ रहना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने एक्टिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया। 1988 में जन्मी त्रिशाला, संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी हैं। ऋचा का 1996 में निधन हो गया और त्रिशाला अमेरिका में अपने नाना-नानी के साथ पली-बढ़ीं।

‘मैं सिर्फ पापा के करीब रहना चाहती थी…’  
इनसाइड थॉट्स आउट लाउड पॉडकास्ट के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने बॉलीवुड का हिस्सा बनने की इच्छा के बारे में बात करते हुए बताया, "मैंने बचपन में इसके बारे में सोचा था। मैं ये नहीं सोच रही थी कि मुझे एक्ट्रेस बनना है और एक्टिंग करनी है क्योंकि अभिनय मेरा जुनून है। मैं तो बस अपने पिता के करीब रहना चाहती थी।"
 
संजय दत्त का क्या था रिएक्शन
इसके आगे उन्होंने अपने पापा संजय दत्त के बारे में बात करते हुए कहा, “उन्होंने बहुत मुश्किल दौर देखे हैं। उन्होंने मुझसे पूछा, ‘क्या यही तुम्हारा जुनून है? क्या तुम्हें इसकी ओर खिंचाव महसूस होता है?’ और मैंने कहा, ‘मैं बस आपके साथ और समय बिताना चाहती हूं।’ और उन्होंने कहा, ‘चलो बात करते हैं कि तुम्हें किस चीज में रुचि है और तुम्हें उस रास्ते पर ले चलते हैं। सिर्फ इसलिए कि तुम फलां-फलां की बेटी हो, इसका मतलब यह नहीं है कि तुम एक फेमस एक्ट्रेस बन जाओगी और सारे ऑफर तुम्हारे पास आने लगेंगे।’” जानकारी के लिए बता दें कि संजय दत्त अभिनेता सुनील दत्त और नरगिस दत्त के बेटे हैं। उनकी पहली फिल्म रॉकी का निर्माण और निर्देशन उनके दिवंगत पिता ने किया था।

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हमेशा सब कुछ ठीक-ठाक होना जरूरी नहीं है
इसी बातचीत में आगे उन्होंने थेरेपिस्ट बनने के अपने फैसले के बारे में भी खुलकर बात की और बताया, “मेरी जिंदगी में भी बाकी लोगों की तरह कई परेशानियां और मानसिक संघर्ष रहे हैं। मैंने थेरेपिस्ट बनने का फैसला इसलिए किया ताकि लोगों को यह बता सकूं कि संघर्ष करना स्वाभाविक है। हमेशा सब कुछ ठीक-ठाक होना जरूरी नहीं है, और इस सफर में आप अकेले नहीं हैं। साथ ही, बॉलीवुड फैमिली से होने के कारण मैंने इंडस्ट्री में किसी को भी मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करते नहीं देखा। मैं बस लोगों से जुड़ना चाहती थी, उन्हें यह बताना चाहती थी कि चाहे आप इंडस्ट्री में हों या न हों, सब कुछ हमेशा खुशियों से भरा नहीं होता। हम भी आप जैसे ही इंसान हैं।” इसके आगे उन्होंने मेन्टल हेल्थ के बारे में खुलकर बोलने के लिए दीपिका पादुकोण की तारीफ करते हुए कहा, “जब दीपिका पादुकोण ने इस बारे में बात की, तो मुझे लगता है कि उन्होंने डिप्रेशन के बारे में बात की थी। मुझे लगा कि उन्होंने बहुत बहादुरी दिखाई।”

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पेरेंट्स के साथ कभी नहीं रहीं त्रिशाला दत्त
पिछले कुछ सालों में, त्रिशाला ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी खुलकर बात की है। उनका पालन-पोषण न्यूयॉर्क में उनके नाना-नानी ने किया और वो अपने पिता से दूर रहती हैं, और बहुत कम ही भारत आती हैं। कुछ साल पहले, एक इंस्टाग्राम यूजर ने उनसे पूछा, “अपने माता-पिता के बिना रहना कैसा लगता है?” उन्होंने जवाब दिया, “ठीक है, मुझे लगता है। मैं शुरू से ही उनके साथ नहीं रही थी, लेकिन मैं इतनी छोटी थी कि मुझे ज्यादा याद नहीं है, इसलिए मैं वास्तव में यह नहीं बता सकती कि उनके बिना रहना कैसा लगता है।”

संजय दत्त की बेटी होने का एक्सपीरियंस
एक और इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि संजय दत्त की बेटी होने का एक्सपीरियंस कैसा है, तो उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, मुझे ये नॉर्मल लगता है। वो किसी भी दूसरे पापा की तरह हैं। जब मैं उनके साथ होती हूं, तो ऐसा लगता है जैसे मैं अपने पपप के साथ हूं। और ये वैसा ही अनुभव है जैसा आप शायद अपने पिता के साथ होने पर महसूस करते हैं।”

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त्रिशाला दत्त, संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी, अभिनेत्री ऋचा शर्मा की बेटी हैं, 1996 में ब्रेन कैंसर के कारण जिनकी मौत हो गई थी। संजय ने 1998 में रिया पिल्लई से शादी की, जो 2008 में टूट गई। इसके बाद 2008 में ही उन्होंने मान्याता दत्त के साथ शादी की। इस कपल ने 2010 के जुड़वां बच्चे हुए, एक बेटा शाहरान और एक बेटी इकरा।