कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने किया प्रेसवार्ता

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार श्रीवास्तव ने अपने बयान मे बताया की विष्णुदेव साय के शासन मे आम जनता त्राहि त्राहि कर रहे है एक साल के शासनकाल मे लोगो को नही है कोई सुविधा निर्माण कार्य मे प्रयोग की जाने वाली समाग्री से लेकर रेत, कोयला बिजली , जमीन की खरीद बिक्री पर भारी भ्रष्टाचार हो रहे है और विष्णुदेव साय की सरकार केवल विष्णुभोग की तरह भोग बिलास मे लग गई है।
‘विष्णुभोग’ के लिए वसूला जा रहा है 50 रुपया प्रति बोरा सीमेंट पर अतिरिक्त दाम। अचानक 260 से बढ़ाकर 310 रूपए प्रति बोरा कर दिया गया है। सीमेंट की कीमत में अचानक एक चोथाई की भारी भरकम वृद्धि भाजपा सरकार के कमीशनखोरी और मुनाफाखोरी का प्रमाण है। सीमेंट उत्पादन के लिए तमाम कच्चा माल, लाइमस्टोन हमारा, कोयला हमारा, जमीन हमारी, बिजली हमारी और हमें ही महंगे दामों पर सीमेंट खरीदने के लिए मजबूर कर रही है भाजपा सरकार ।

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छत्तीसगढ़ सीमेंट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, यहां हर माह लगभग 30 लाख टन से अधिक सीमेंट का उत्पादन होता है, पहले केंद्र की मोदी सरकार 28 प्रतिशत का भारी भरकम जीएसटी लगाया और अब साय सरकार के सरंक्षण में कीमतों में अचानक बढ़ोत्तरी जनता के साथ अन्याय है। हर सर पर छत का वादा करके सरकार में आयी भारतीय जनता पार्टी के शासन में भवन निर्माण की सामग्रीयों में लगातार बेतहाशा वृद्धि हो रही है। रेत के दाम पिछले 9 महीने में चार गुना बढ़ गए, स्टील की कीमते दुगना हो गई है और अब सीमेंट के दाम में 50 रूपए प्रति बारी की वृद्धि से गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों के अपने घर के सपनों पर करनी चोट है। पीएम आवास योजना पर भी विपरीत असर पड़ेगा।

देश और प्रदेश के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण में सीमेंट एक अहम घटक है, सीमेंट के दाम में वृद्धि से न केवल निजी बल्कि सरकारी प्रोजेक्ट में भी निर्माण लागत बढ़ जाएगी, पुल पुलिया, बांध, सीसी रोड, भवन निर्माण कार्य प्रभावित होंगे, रियल एस्टेट सेक्टर में भी नकारात्मक प्रभाव निश्चित है।

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रोजगार पैदा करने में कृषि के बाद रियलस्टेट दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है, सीमेंट की कीमत में अचानक वृद्धि से रियल एस्टेट व्यवसाय की कमर टूट जाएगी, लाखों की संख्या में लोग बेरोजगार हो जायेंगे

पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय सीमेंट, स्टील, रेत के दाम नियंत्रित थे, अब भाजपा सरकार के अनुचित सरंक्षण में सीमेंट कंपनियां निरंकुश हो चुकी है, जनता को लुटने का कोई अवसर डबल इंजिन की सरकार नहीं छोड़ रही है। क्रूड ऑयल इंटरनेशनल मार्केट में आज 2014 की तुलना में लगभग आधा है, फिर भी डीजल और पेट्रोल के दाम दुगुना वसूला जा रहा है, भूखंडों के रजिस्ट्री में 30 प्रतिशत की छूट प्रदेश की भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है, बिजली का बिल दुगुना आने लगा है और अब सीमेंट की कीमते बढ़ाकर चारों तरफ से महंगाई की मार जनता पर पड़ रही है।

कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि सीमेंट पर 50 रूपए प्रति बोरी की भारी भरकम मूल्य वृद्धि वापस ले, और सीमेंट को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कमोडिटी की तय सूची में शामिल करें।

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