सक्ती में बिजली सब स्टेशन में भरा डेढ़ फीट पानी, कभी भी घट सकती है दुर्घटना

सक्ती जिले के नरियरा स्थित बिजली सब स्टेशन में बारिश के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। सब स्टेशन परिसर में करीब एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा होने के कारण वहां पदस्थ कर्मचारियों और ऑपरेटरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बिजली जैसे संवेदनशील विभाग के सब स्टेशन परिसर में पानी भरे होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक स्थायी समाधान नहीं किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बारिश होते ही सब स्टेशन परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी कई दिनों तक परिसर में जमा रहता है। ऐसी स्थिति में ऑपरेटरों को लाइन चढ़ाने और उतरने के दौरान पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बिजली उपकरणों के आसपास इस तरह पानी जमा होना कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है।

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अधिकारियों को जानकारी, फिर भी समाधान नहीं!

सूत्रों के अनुसार, सब स्टेशन में जलभराव की समस्या से विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके समस्या का स्थायी निराकरण नहीं किया गया। सवाल यह उठता है कि जब विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या की जानकारी है तो फिर अब तक जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

बारिश से पहले ही बिजली विभाग के अधिकारियों को अपने अधीनस्थ विद्युत केंद्रों और सब स्टेशनों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने चाहिए थे। लेकिन नरियरा सब स्टेशन की मौजूदा स्थिति विभागीय तैयारी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

बड़े हादसे का इंतजार तो नहीं कर रहा विभाग?

सब स्टेशन में पानी भरे होने के बावजूद कर्मचारियों का काम करना किसी संभावित हादसे को न्योता देने जैसा बताया जा रहा है। यदि इसी दौरान कोई विद्युत दुर्घटना होती है और किसी कर्मचारी की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? क्या विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

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स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी निकासी, नाली निर्माण, गिट्टी-बोल्डर डालकर परिसर का समतलीकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम कर दिए जाएं तो समस्या का समाधान हो सकता है। अब देखना होगा कि नरियरा सब स्टेशन की बदहाल व्यवस्था की खबर सामने आने के बाद बिजली विभाग के उच्च अधिकारी मौके का निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हैं या फिर हर वर्ष बारिश के दौरान सामने आने वाली इस समस्या को नजरअंदाज कर दिया जाता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि विभाग किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार कर रहा है या कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करेगा।