छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों में विशेष स्थान रखने वाले गुप्त तीर्थ काशी के नाम से प्रसिद्ध खरौद धाम में रविवार को गरियाबंद जिले के देवभोग-अमलीपदर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित युवराज पांडे पहुंचे। शिव महापुराण कथा के छठवें दिन की कथा से पूर्व उन्होंने ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व से परिपूर्ण लक्ष्मणेश्वर धाम पहुंचकर स्वयंभू लक्ष्मणेश्वर महादेव के दर्शन किए तथा क्षेत्रवासियों सहित समस्त देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ वासीयों के लिए काशी से कम नहीं है खरौद, इसे जन-जन को बताने की बात कही |
पंडित युवराज पांडे ने लक्ष्मणेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना के पश्चात कहा कि खरौद केवल एक नगर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, पौराणिक कथाएं और आस्था से जुड़े स्थल देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। खरौद को गुप्त तीर्थ काशी के नाम से जाना जाना इसकी आध्यात्मिक महत्ता को स्वयं प्रमाणित करता है।
मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सरलता सहजता दूसरों के दुख को देखकर दुखी होने का भाव, तुम पंडित नेता विजेता बनो चाहे जो चाहे जोगी जति मठाधारी बानो सरपंच बानो पटवारी बानो चाहे विक्रय के अधिकारी बनो पर ध्यान रहे सबसे पहले तो मानवता के अधिकारी बनो| मेरे व्यक्तिगत दृष्टिकोण यही कहता है|मैं यही सन्देश देना चाहता हूं सबको इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और दूसरे के दुख को देख करके दुखी होना दूसरे के सुख को देख करके सुखी होना यदि कोई नीचे गिर रहा है तो हाथ पकड़कर उसको ऊपर उठाव ताकि कम से कम हमारा एक छत्तीसगढ़िया भाई आगे बढ़ सके|
उन्होंने आगे कहा की खरौद की महिमा और इसके प्राचीन धार्मिक महत्व का जितना व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए था, उतना अब तक नहीं हो पाया है। इसके कारण खरौद नगर को धार्मिक पर्यटन एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में वह पहचान नहीं मिल पाई, जिसका यह वास्तव में हकदार है। उन्होंने कहा कि खरौद की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को देश-दुनिया के सामने मजबूती से रखने की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस पावन धरा के दर्शन एवं धार्मिक स्थलों का लाभ ले सकें।
उन्होंने कहा कि खरौद की महिमा को जन-जन तक पहुंचाने में स्थानीय समाज, धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ पत्रकारों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय पत्रकार निरंतर क्षेत्र की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को समाचारों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शिवरीनारायण नगर के पत्रकार साथियों द्वारा की जा रही खबर सेवा और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रमुखता से सामने लाने के प्रयासों की विशेष सराहना की।
पंडित युवराज पांडे ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और किसी क्षेत्र की सकारात्मक पहचान बनाने में उनकी कलम की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। खरौद, शिवरीनारायण एवं आसपास के धार्मिक क्षेत्रों की महिमा, प्राचीन धरोहर और धार्मिक आयोजनों को निरंतर जन-जन तक पहुंचाने वाले पत्रकार निश्चित रूप से सेवा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकार साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर संगीत की टिम के साथ महादेव के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।