इंदौर में राजा रघुवंशी हत्याकांड में एसआईटी ने महालक्ष्मी नगर के प्रापर्टी कारोबारी सिलोम जेम्स को गिरफ्तार किया

इंदौर
 ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में शनिवार रात नया मोड़ आया। केस की जांच कर रही एसआईटी ने महालक्ष्मी नगर के प्रापर्टी कारोबारी सिलोम जेम्स को गिरफ्तार किया। उस पर सोनम और राज की पिस्टल, पांच लाख रुपये, कपड़े और सोने के आभूषण गायब कर मदद करने का आरोप है। गुना का एक सिक्युरिटी गार्ड भी शक के घेरे में है।

एसआईटी पिछले पांच दिन से शहर में छानबीन कर रही थी। एसआईटी को एक बैग की जरूरत थी, जो राज और सोनम द्वारा हीराबाग स्थित फ्लैट में छुपा कर रखा था।

इस बैग में कपड़ों के बीच देशी पिस्टल और पांच लाख रुपये भरकर रखे गए थे। पिस्टल राज ने सिकलीगरों से खरीदी थी। वह पहले राजा को विशाल, आकाश और आनंद से गोली मरवाना चाहता था। ललितपुर में आकाश की गिरफ्तारी होते ही आठ जून को सोनम कार लेकर गाजीपुर रवाना हो गई और बैग फ्लैट में ही छोड़ दिया।

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10 जून को प्रापर्टी कारोबारी सिलोम जेम्स कार लेकर पहुंचा और दूसरी चाबी से ताला खोल तीन बैग, कपड़े, खाने का सामान सहित अन्य चीजें ले गया। एक कार शोरूम के सीसीटीवी कैमरे में सिलोम की तस्वीर कैद हो गई और इसी आधार पर ईस्ट खासी हिल्स (शिलांग) पुलिस ने सिलोम को गिरफ्तार कर लिया। उस पर हत्या के आरोपितों की मदद करने और साक्ष्य नष्ट करने का आरोप है।

एसआईटी के एक सदस्य ने सिलोम को फोन लगाकर बुलाया था लेकिन उसने शाम को आने का बहाना बनाया। एसआईटी सदस्य ने फिर काल लगाया और कहा कार लेकर आना। सिलोम को शक हो गया और कहा कि वह भोपाल जा रहा है। सोमवार को आकर मिलेगा। उसने मोबाइल बंद कर लिया। अफसरों ने शिप्रा पुलिस को जानकारी दी और सिलोम को टोल नाके पर घेराबंदी कर पकड़ लिया। उसने कहा कि बैग घर पर छुपा कर रखा है।

अशोकनगर के सिक्युरिटी गार्ड पर भी मदद का शक

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पुलिस एक अन्य व्यक्ति की भी तलाश कर रही है। मूलत: अशोकनगर (गुना) निवासी यह व्यक्ति हीराबाग स्थित इमारत में सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करता था। सिलोम ने उसे ही चाबी सौंपी थी। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद गार्ड गायब हो गया है। एसआईटी की एक टीम रविवार को अशोकनगर जा सकती है। सिलोम के साथ आया एक युवक भी रडार पर है। गौरतलब है कि 13 जून को सिलोम खुद मीडिया के सामने आया था। उसने कहा था कि न्यूज देखकर विशाल को पहचाना है।
सिक्युरिटी गार्ड घटना के बाद गायब

एसआईटी पहले राज व सोनम के बयान पर शक कर रही थी। एसीपी एसएस सांभा और एसआइ करण ने तीन दिन तक राज, सोनम और विशाल के घर में छानबीन की। गोविंद रघुवंशी, देवीसिंह और संगीता से भी पूछताछ की। अलमारी और सूटकेस की तलाशी भी ली। पुलिस को पता था कि बैग में राजा की चेन, मोबाइल और सोनम के आभूषण हो सकते हैं।

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शिलांग एसपी विवेक सिम ने एसआईटी को इंदौर में ही रहने को कहा। शनिवार को फुटेज खंगाले तो एक आटो चालक नजर आया। उससे मिली जानकारी के बाद सिलोम पर शक पुख्ता हो गया। 10 जून के फुटेज में सिलोम कार से बैग ले जाते दिखा। सिलोम ने इसके बाद बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए। राज के इशारे पर विशाल उर्फ विक्की ने सिलोम से 17 हजार रुपये महीने पर फ्लैट लिया था। 30 जून को सोनम इस फ्लैट में शिफ्ट हुई थी।