ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इंकार, कहा, ‘मैं क्यों इस्तीफा दूंगी जब मैं हारी नहीं हूं. मुझे बाध्य नहीं किया जा सकता

पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को मुख्य विलेन बताया. उन्होंने कहा, ‘मैं क्यों इस्तीफा दूंगी जब मैं हारी नहीं हूं. मुझे बाध्य नहीं किया जा सकता कि मैं इस्तीफा देने जाऊं. नैतिक तौर पे मैं कह रही हूं कि मैं जीती हूं. मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी.’

सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन ने मुझे फोन किया. INDIA गठबंधन के सभी साथियों ने मुझसे कहा कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं. मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मजबूत रहेगी. अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएं तो, वह कल आएंगे. एक-एक करके सब आएंगे. मेरा लक्ष्य बहुत साफ है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी. बिल्कुल एक आम आदमी की तरह. अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है इसलिए मैं एक आम आदमी हूं. आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं. मैं अब एक आजाद पंछी हूं. मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी. इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला. मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं. लेकिन अब, मैं एक आजाद पंछी हूं.’

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TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा, ‘दुख की बात है कि CEC इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और EVM को लूटने के वाला खलनायक बन गया. क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80-90 फीसदी चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया. उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया. उन्होंने सभी IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया.’

ममता बनर्जी ने कहा, ‘उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और बीजेपी ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला. यह बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है. हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं. उन्होंने SIR में 90 लाख नाम हटा दिए. जब ​​हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम शामिल किए गए… उन्होंने गंदा और घटिया खेल खेला. मैंने अपनी जिंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा.’

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