Parama Ekadashi 2026: अधिकमास की दुर्लभ परमा एकादशी कल, भूलकर भी न करें ये गलतियां

इंदौर 
Parama Ekadashi 2026: क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में एक ऐसी एकादशी भी है जो हर साल नहीं, बल्कि लगभग 3 साल में एक बार आती है? जी हां, हम बात कर रहे हैं अधिकमास (मलमास) के कृष्ण पक्ष में आने वाली परमा एकादशी की. मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के कई जन्मों के पाप, पुरानी दरिद्रता और आर्थिक कष्ट दूर हो सकते हैं. इस बार परमा एकादशी का व्रत 11 जून यानी कल रखा जाएगा। 

लेकिन जितना ज्यादा इस व्रत का महत्व है, उतने ही कठोर इसके नियम भी माने गए हैं. कहा जाता है कि छोटी-सी गलती भी व्रत का फल कम कर सकती है. इसलिए जानिए परमा एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए, ताकि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहे। 

परमा एकादशी पर क्या न करें

1. तुलसी या किसी भी पौधे के पत्ते न तोड़ें
इस दिन तुलसी तोड़ना वर्जित माना गया है. कोशिश करें कि एक दिन पहले ही पूजा के लिए तुलसी पत्र तोड़ लें। 

See also  छठ पूजा का प्रसाद मांग कर खाने की परंपरा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

2. झाड़ू लगाते समय सावधानी रखें
घर की सफाई करते समय ध्यान रखें कि किसी चींटी या छोटे जीव को नुकसान न पहुँचे. अहिंसा का पालन इस दिन विशेष रूप से जरूरी है। 

3. दशमी से ही रखें नियम
व्रत रखने वाले व्यक्ति को एक दिन पहले यानी दशमी तिथि से ही ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. साथ ही तामसिक भोजन, मांसाहार और नशे से दूरी बनाए रखें। 

4. नमक का सेवन न करें
एकादशी के दिन सामान्य नमक खाना वर्जित है. बहुत जरूरत हो तो सेंधा नमक का सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है। 

5. इन चीजों से करें परहेज
इस दिन चावल, मसूर की दाल, मूली और बैंगन नहीं खाने चाहिए. शास्त्रों में विशेष रूप से चावल का त्याग करने को कहा गया है। 

6. निंदा और बुरे विचारों से बचें
किसी की बुराई करना या मन में नकारात्मक विचार लाना व्रत के प्रभाव को कम कर सकता है। 

See also  वास्तु शास्त्र में तवा रखने के तरीके से जुड़ी मान्यताएं और उसके प्रभाव

7. दिन में न सोएं
व्रती को दिन में सोने से बचना चाहिए. संभव हो तो रात में जागकर भगवान का भजन-कीर्तन करें, जिससे व्रत का फल और बढ़ता है। 

क्या करें?

– भगवान विष्णु की श्रद्धा से पूजा करें.
– शांत मन से व्रत का पालन करें.
– दान-पुण्य करें.
– ब्राह्मणों को जूते या अन्य उपयोगी वस्तुएं दान करना शुभ माना गया है.

परमा एकादशी की मान्यता

कहा जाता है कि परमा एकादशी का व्रत करने वाला व्यक्ति न केवल इस जन्म में सुख पाता है, बल्कि उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी मिलता है।