मध्यप्रदेश में एक लाख पदों पर भर्ती जनवरी से, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागों से मांगी जानकारी

भोपाल.
प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है।

रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी
मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई।

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उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं।

बजट में किया जाएगा प्रविधान
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए सभी को स्थापना व्यय में प्रविधान करना है। एक लाख पदों पर भर्ती के हिसाब से सभी विभागों को बजट प्रविधान भी करना होगा। अभी लगभग 23 प्रतिशत बजट स्थापना व्यय के लिए रखा जाता है।