आतंकियों के सहयोगियों का रिमांड बढ़ा, आने वाले दिन में खुलेंगे कई बड़े राज

जम्मू-कश्मीर
पहलगाम हमले के मामले में आतंकवादियों की मदद करने के आरोप में दो आरोपियों की रिमांड अदालत ने फिर बढ़ा दी है। जम्मू की एनआईए की विशेष अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े दो आरोपियों की हिरासत और जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर अब 45 दिन और कर दी है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश संदीप गंडोत्रा ने 18 सितंबर को दिया।

आरोपी बशीर अहमद जोठट (बैसरन, पहलगाम) और परवेज़ अहमद (बटकूट, पहलगाम) पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी आतंकियों को छिपने की जगह उपलब्ध कराई। अदालत ने कहा कि जांच अभी अहम दौर में है, क्योंकि गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए परीक्षण जैसी रिपोर्टें लंबित हैं। इसलिए हिरासत बढ़ाने की मांग उचित है।

सरकारी वकील चंदन कुमार सिंह ने अदालत में बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। इसके अलावा, 28 जुलाई को मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों से बरामद हथियार और सामान की रिपोर्ट भी लंबित है। एनआईए ने कहा कि आरोपियों के बताए ठिकानों से मिले कंबल, शॉल और बिस्तर डीएनए परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, ताकि उन्हें आतंकियों से जोड़ा जा सके।

See also  कमिश्नर आन्जनेय सिंह मूल कैडर के लिए रिलीव, मुरादाबाद में नई नियुक्ति की तैयारी

यह मामला 22 अप्रैल 2025 को बैसरन, पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। एनआईए के अनुसार, आरोपियों ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन पाकिस्तानी आतंकियों को हमले से पहले छिपने की जगह उपलब्ध कराई थी। दोनों आरोपी 22 जून से जम्मू की अंपल्ला जेल में बंद हैं।