यूक्रेन की मदद पर भड़के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका-ब्रिटेन पर भी कर देंगे हमला

रूस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और ब्रिटेन पर हमले की धमकी दे दी है। यूक्रेन रूस के खिलाफ अमेरिका और ब्रिटेन की मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में रूस ने भी धमकी दी है कि वह इन देशों के खिलाफ बलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीवी पर संबोधन के दौरान पुतिन ने कहा कि जो लोग यूक्रेन की मदद कर रहे हैं, उनपर भी बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की चेतावनी पहले ही जारी कर दी जाएगी।

पुतिन ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि बृहस्पतिवार को यूक्रेन पर किया गया रूसी हमला, इस हफ्ते की शुरूआत में अमेरिकी और ब्रिटिश मिसाइलों से रूसी क्षेत्र पर किये गए यूक्रेन के हमलों के जवाब में किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली रूसी मिसाइलों को रोकने में सक्षम नहीं होगी। यूक्रेन ने गुरुवार को दावा किया कि रूस ने रात में उसके एक शहर पर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागी। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि यह हमला मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल से किया गया था।

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यूक्रेन ने कहा कि आठ अन्य मिसाइलों के साथ निप्रो शहर पर एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई और यूक्रेनी सेना ने उनमें से छह मिसाइलों को नष्ट कर दिया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमले के परिणामस्वरूप दो लोग घायल हो गए और एक औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा दिव्यांग लोगों का एक पुनर्वास केंद्र क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, आईसीबीएम की मारक परिधि यूक्रेन के खिलाफ उपयोग के लिए अत्यधिक प्रतीत होती है। ऐसी मिसाइलों को परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है और इसका उपयोग रूस की परमाणु क्षमता के शक्तिशाली संदेश के रूप में काम करेगा।

यह हमला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा संशोधित परमाणु सिद्धांत पर हस्ताक्षर किए जाने के दो दिन बाद हुआ है जो देश में परमाणु हथियारों के उपयोग की सीमा को औपचारिक रूप से कम करता है। यूक्रेन ने अमेरिका द्वारा भेजी गईं लंबी दूरी की कई मिसाइलें मंगलवार को दागीं और ब्रिटेन निर्मित ‘स्टॉर्म शैडोज’ मिसाइलों का भी बुधवार को कथित तौर पर इस्तेमाल किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ब्रिटेन निर्मित दो ‘स्टॉर्म शैडो’ मिसाइलों, छह एचआईएमएआरएस रॉकेट और 67 ड्रोन को नष्ट कर दिया।

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यूक्रेन में ‘विशेष सैन्य अभियान’ के बारे में मंत्रालय द्वारा दैनिक तौर पर प्रदान की जाने वाली जानकारी में यह घोषणा की गई। इसमें यह नहीं बताया गया कि वास्तव में यह घटना कब और कहां हुई या मिसाइलें किसको निशाना बनाने के लिए दागी गई थीं। ‘स्टॉर्म शैडो’ मिसाइलों को गिराने की मॉस्को की यह पहली सार्वजनिक घोषणा नहीं है। रूस ने पूर्व में भी अपने कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप में इस तरह की कुछ मिसाइलों को नष्ट करने की बात कही थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब युद्ध के मैदान में रूस की मदद के लिए उत्तर कोरियाई सैनिकों के पहुंचने के साथ युद्ध ने अधिक अंतरराष्ट्रीय आयाम ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि रूस की मदद के लिए उत्तर कोरियाई सैनिकों के पहुंचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन को लंबी दूरी की अमेरिकी मिसाइलें रूस पर दागने को लेकर यूक्रेन को अनुमति देने संबंधी अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा।

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बाइडन के नीति परिवर्तन पर रूस ने धमकी दी कि इसके परिणाम ठीक नहीं होंगे। पुतिन ने पूर्व में भी अमेरिका और अन्य नाटो सहयोगियों को चेतावनी दी थी कि यूक्रेन को रूसी क्षेत्र पर हमला करने के लिए लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग करने की अनुमति देने का मतलब रूस और नाटो के बीच युद्ध से होगा। मॉस्को का नया सिद्धांत परमाणु शक्ति समर्थित किसी भी राष्ट्र की ओर से रूस पर किए जाने वाले पारंपरिक हमले पर भी रूसी बलों को संभावित तौर पर परमाणु हमला करने की अनुमति देता है।