उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद पेचीदा और सनसनीखेज मामला सामने आया है. पतारा कस्बे के तिलसड़ा मोड़ के पास एक बगीचे में 25 वर्षीय अविवाहित दलित युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. मृतका के शरीर पर सुहागिनों की तरह श्रृंगार के निशान मिले—उसकी मांग लिपस्टिक से भरी हुई थी, पैरों की तीसरी उंगली में नई बिछिया थी और माथे पर बिंदी लगी हुई थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि युवती की मौत जहर खाने (पॉइजनिंग) की वजह से हुई है और वह 5 माह की गर्भवती थी. मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो प्रेमियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है. घटना के बाद मृतका के पिता ने दो लोगों पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पतारा थाने में शिकायत दर्ज कराई. गोले पांडेय (उम्र 50 वर्ष), पतारा का स्थानीय निवासी और प्रांजुल पाल, फतेहपुर जिले के जहानाबाद का निवासी.
पिता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या की धारा में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रांजुल पाल को हिरासत में ले लिया है, जबकि 50 वर्षीय अधेड़ गोले पांडेय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.
दोहरे प्रेम संबंध और आखिरी कॉल डिटेल्स का खुलासा
पुलिस की प्राथमिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) से कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. हिरासत में लिए गए प्रांजुल ने पूछताछ में बताया कि उसका ननिहाल पतारा के एक गांव में है. वहीं, एक दोस्त के जरिए उसे युवती का नंबर मिला था जिसके बाद दोनों में बातचीत और प्रेम संबंध हो गए. प्रांजुल कानपुर देहात के रनियां स्थित एक फैक्ट्री में 12 हजार रुपये महीने की नौकरी करता है और बिधनू में अपने बहनोई के घर रहता है.
जांच में पता चला कि युवती के पिता ने गोले पांडेय के खेत बटाई पर ले रखे थे. गोले की पत्नी का कई साल पहले देहांत हो चुका है और उसकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है. गोले ने युवती की कानपुर मेट्रो में नौकरी लगवाई थी और उसे रामादेवी में एक किराए के मकान में रखा था, जहां दोनों के बीच संबंध बने. घटना वाले दिन युवती की प्रांजुल से 1400 सेकंड (लगभग 23 मिनट) और गोले से 600 सेकंड (10 मिनट) तक बातचीत हुई थी. जहर खाने के बाद गोले ही युवती को इलाज के लिए हैलट अस्पताल ले गया था.
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि युवती की उम्र और परिस्थितियों के कारण वह गोले पांडेय से शादी नहीं करना चाहती थी. वह उम्र में छोटे प्रांजुल पर लगातार शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन प्रांजुल इससे मना कर रहा था. 11 जुलाई को गर्भवती होने की बात उजागर होने पर परिजनों ने युवती को घर से निकाल दिया था और उससे संपर्क तोड़ लिया था. ऐसे में वह बेहद परेशान चल रही थी. हिरासत में लिए गए प्रांजुल के मुताबिक, घटना के दिन गर्भवती युवती ने उससे पैसों की मांग की थी और न देने पर जहर खा लेने की धमकी दी थी.
गर्भस्थ शिशु किसका? पुलिस कराएगी DNA टेस्ट
युवती के गर्भ में पल रहा 5 महीने का शिशु किसका था, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है. हिरासत में लिया गया प्रांजुल इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट बताने से असमर्थ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ने बताया कि सच्चाई का पता लगाने के लिए दोनों आरोपियों (प्रांजुल पाल और गोले पांडेय) का डीएनए (DNA) सैंपल लिया जाएगा और मृत शिशु के DNA से उसका मिलान कराया जाएगा. डीएनए रिपोर्ट से ही यह साफ हो पाएगा कि गर्भस्थ शिशु का जैविक पिता कौन था और इस वारदात की मुख्य वजह क्या रही.