National Stock Exchange of India पर ट्रेडिंग अकाउंट्स 25 करोड़ के पार, SIP और शेयर बाजार में निवेशकों का बढ़ता भरोसा

मुंबई 

भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, भारत में कुल ट्रेडिंग अकाउंट्स (UCCs) की संख्या 25 करोड़ (250 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गई है. यह दिखाता है कि अब आम भारतीय नागरिक बचत के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर शेयर बाजार पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं.
Indian Share Market Growth: इतनी तेजी से कैसे बढ़े निवेशक?

 रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में निवेशकों की एंट्री अब और भी तेज हो गई है. पिछले एक करोड़ अकाउंट सिर्फ दो महीनों में जुड़े हैं. वहीं, कुल खातों का 20% हिस्सा यानी 5 करोड़ अकाउंट तो पिछले महज 16 महीनों में खुले हैं. इसका मुख्य कारण मोबाइल ऐप के जरिए आसान ट्रेडिंग, कम फीस और बढ़ता डिजिटल इंडिया है. आज एक मिडिल क्लास व्यक्ति भी अपने फोन से सीधे शेयर बाजार में निवेश कर पा रहा है.
Indian Share Market Growth: कौन से राज्य हैं सबसे आगे?

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निवेश के मामले में महाराष्ट्र अभी भी नंबर वन बना हुआ है. यहां राज्यों की हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार है:

    महाराष्ट्र: 4.2 करोड़ अकाउंट (सबसे ज्यादा 17% हिस्सा)
    उत्तर प्रदेश: 2.8 करोड़ अकाउंट (दूसरे स्थान पर)
    गुजरात: 2.2 करोड़ अकाउंट
    पश्चिम बंगाल और राजस्थान: 1.4 करोड़ अकाउंट प्रत्येक

हैरानी की बात यह है कि देश के टॉप 5 राज्य ही मिलकर लगभग आधा (49%) शेयर बाजार संभाल रहे हैं.

क्या SIP के जरिए भी बढ़ रहा है निवेश?

जी हां, लोग अब सिर्फ सीधे शेयर ही नहीं खरीद रहे, बल्कि म्यूचुअल फंड (SIP) के जरिए भी बाजार में पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 6 करोड़ नए SIP अकाउंट खुले हैं. हर महीने औसतन 28,766 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि SIP के जरिए बाजार में आ रही है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है.

क्या निवेशकों का पैसा सुरक्षित है?

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NSE ने निवेशकों की सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया है. साल 2025 में लगभग 23,000 जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए. साथ ही, ‘इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड’ (IPF) भी 18.5% बढ़कर 2,791 करोड़ रुपये हो गया है, ताकि किसी गड़बड़ी या धोखाधड़ी होने पर छोटे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे.