जांजगीर जिला के अकलतरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत झलमला में जांच टीम जाने के बाद पंचायत भवन रणभूमि में बदल गया| सरपंच पक्ष और शिकायत पक्ष के बीच तीखी बहस के बाद दोनों तरफ से जमकर लात घुसे और थप्पड़ चले। पुलिस को बार-बार फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची | ग्रामीण इसके पीछे शिकायत की जांच करने आए टीम को ही जिम्मेदार मान रहे हैं।
दरअसल ग्राम पंचायत झलमला के पंच अक्षय यादव ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से 15 वे और 16 वें वित्त की राशि और मूलभूत की राशियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले भी शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से सामुदायिक चबूतरा निर्माण और तालाब सफाई में भ्रष्टाचार को लेकर भी शिकायत की गई थी।
इस शिकायत को लेकर 16 जुलाई को जांच टीम जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा भेजी गई थी जिसमें नोडल अधिकारी के रूप में देवेंद्र ध्रुव और सहायक रमेश सिंह अधिकृत किए गए थे। जांच टीम जांच करने पहुंचने के दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ था उसके बाद पंचायत भवन के अंदर सरपंच काशीराम निर्मलकर जांच अधिकारी पंचगण शिकायतकर्ता के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण बैठे थे। जिनके द्वारा भारी हुज्जत बाजी करने के बाद जांच टीम वापस लौट गई थी।
इसी तरह 6 अगस्त को दूसरी शिकायत की जांच करने टीम पहुंची थी | इस जांच टीम में भी जनपद पंचायत अकलतरा के सीईओ द्वारा इन्ही दोनों अधिकारियों को पुनः अधिकृत किया गया । पिछली बार हुए विवाद को नजर अंदाज करते हुए बिना सुरक्षा के ही जांच टीम दोबारा ग्राम पंचायत पहुंची थी|
ग्राम पंचायत भवन के सभागार में जांच टीम ने सरपंच-पंच सचिव के अलावा सभी ग्रामीणों को घुसने की अनुमति दे दी। इस बात पर शिकायतकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि सभा कक्ष के अंदर केवल अधिकृत लोग ही रहे। जिससे शांति से जाँच पूरी हो सके| अन्य ग्रामीण सभा कक्ष के बाहर चले जाएं। इस बात पर शिकायत पक्ष और ग्रामीणों के बीच ठन गई। दोनों में जमकर वाद-विवाद शुरू हो गया, लेकिन जाँच अधिकारी खामोश बैठे रहे। जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और इस बीच मौका पाकर जांच टीम वापस लौट गई।
जांच टीम के लौट के बाद दोनों पक्ष शांत नहीं हुए | एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे| जिसके कारण विवाद बढ़ता चला गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग ग्राम पंचायत भवन के पास पहुंच गए। नौबत मारपीट की आ गई दोनों पक्षों के बीच जमकर थप्पड़ों की बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कई लोगों को जमकर थप्पड़ पड़े। पंचायत परिसर के भीतर लगभग घंटे पर चली | इस विवाद के बाद किसी तरह दोनों पक्ष दूर हुए तब जाकर मामला शांत हुआ।
ग्रामीणों ने लगाया जांच टीम पर झगड़ा करने का आरोप
ग्राम पंचायत में हुए विवाद के पीछे की वजह ग्रामीणों ने जांच करने आए अधिकारियों पर ही लगाया। उनका कहना था कि जांच टीम सजग रहती तो वहां वाद विवाद और मारपीट की नौबत नहीं आती। पंच सरपंच के बीच में ग्रामीणों का बोलना किसी भी हद तक जायज नहीं है। पूर्व में भी इस प्रकार की हरकत कुछ तथाकथित ग्राम के आसामाजिक तत्वों द्वारा की गई थी| इसके बावजूद इस बार भी जांच अधिकारियों ने वैसा ही माहौल बनने दिया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जांच टीम जांच करना ही नहीं चाहती इस कारण से खामोश बैठकर ग्रामीणों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है। पूर्व के हालत से सबक लेते हुए कार्य करती, लेकिन इन्होने कुछ नहीं किया|

सुरक्षा देने नहीं पहुंची पुलिस
शिकायत पक्ष ने संभावना जताई थी की सरपंच पक्ष के लोग जांच पूरी होने नहीं देंगे और विवाद करेंगे| इस बात को ध्यान में रखते हुए एक दिन पूर्व ही थाना मुलमुला के थाना प्रभारी को लिखित में आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन जांच शुरू होने से लेकर झगड़ा होने के अंत तक छह बार थाना प्रभारी को शिकायतकर्ता ने फोन लगाया था किन्तु उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस नहीं पहुंची। जब मामला पूरी तरह से शांत हो गया तब खानापूर्ति के लिए पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को भेजी। जिस पर शिकायत पक्ष ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

अकलतरा : जांच टीम फिर पहुंच रही ग्राम पंचायत झलमला, दोनों पक्षों में मच सकता है घमासान