रामपुर का शानदार प्रदर्शन: IGRS रिपोर्ट में टॉप, योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल को मिली रफ्तार

लखनऊ.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 139 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 

जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा
आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।

See also  दूल्हा निकला संक्रमित, तीन दर्जन से ज्यादा लोग अब कोरोना वायरस की चपेट में

प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण
हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। 

See also  आसाराम को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने 29 अगस्त तक बढ़ाई अंतरिम जमानत

टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह
शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।