लेबर रूम बाहर निकली महिला, मुझे बचा लीजिए, ये लोग मार डालेंगे, सही से इलाज नहीं हो रहा है मेरा, और फिर दोनों की मौत

मुझे बचा लीजिए, ये लोग मार डालेंगे, सही से इलाज नहीं हो रहा है मेरा… रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल के लेबर रूम बाहर निकली महिला चीख-चीख कर यही कह रही थी। लेकिन उसकी बातों को लोगों ने अनसुना किया और फिर से लेबर रूम में भेज दिया। कुछ देर बाद ही महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत की खबर आई। इसके बाद अस्पताल में हंगामा मच गया।

 

लापरवाही का लगाया आरोप

गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही बरतने तथा समय पर इलाज नहीं किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 

समय पर नहीं मिला इलाज

बताया जा रहा है कि प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर उचित उपचार और चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती तो महिला और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

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निष्पक्ष जांच की मांग

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, उपचार में लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों और स्टाफ की भूमिका की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

कैसे हुई मौत?

फिलहाल महिला और नवजात की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। गांधी मेमोरियल अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और मौत के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही।

 

 

दो नर्स को किया सस्पेंड

परिजनों के हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने दो नर्स को सस्पेंड कर दिया है। दोनों ड्यूटी पर तैनात थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद महिला को होश नहीं आया। आरोप है कि एनेस्थीसिया के ओवरडोज के कारण महिला की मौत हुई होगी। मृतक महिला का नाम कल्पना मिश्रा है। महिला की मौत कैसे हुई, यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा। महिला की यह पहली डिलीवरी थी। घटना के बाद परिजनों में शोक की लहर है।

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