तेलंगाना के नालगोंडा जिले के एक सरकारी अस्पताल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल में एक महिला ने आत्महत्या कर ली. मृतक महिला की पहचान ममता (27) के रूप में की गई है. मृतक महिला नालगोंडा जिले के मुनुगोडु मंडल के काकथीमामिडी गांव की रहने वाली थी. महिला की इस अस्पताल में डिलीवरी हुई. उसको बेटा हुआ है.
मृतका के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से ममता ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, मतृक ममता की तीन बेटियां पहले से हैं. इस महीने की 3 तारीख को ममता डिलीवरी के लिए नालगोंडा जिले के सरकारी अस्पताल में गई थी. 4 तारीख को रात 10:38 बजे डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया और ममता ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया.
डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अनसुनी की बात
इसके बाद बच्चे की सेहत को देखते हुए उसे अस्पताल के बाल वार्ड में रखा गया. ममता डॉक्टरों द्वारा निर्धारित समय पर बच्चे को स्तनपान कराने के लिए बाल वार्ड में जाती रहीं. मां और बच्चे के स्वस्थ होने से परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे थे. फिर ममता ने रात में अस्पताल के कर्मचारियों को बताया कि उसकी तबीयत खराब है और उसके सीने में बहुत तेज दर्द हो रहा है, लेकिन डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उसकी बात अनसुनी कर दी.
पानी की टंकी के स्टैंड से लटकी हुई मिली ममता
ममता दर्द से बहुत परेशान थी. देर रात दो बजे उसने अस्पताल परिसर में पानी की टंकी के स्टैंड से साड़ी के जरिये लटककर अपनी जान दे दी. इधर ममता को बिस्तर पर न देखकर परिवार वालों ने अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की. ममता पानी की टंकी के स्टैंड से लटकी हुई मिली. मृतका के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही ममता की आत्महत्या का कारण है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.