छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन भीषण गर्मी, 11 जिलो में अलर्ट, पड़ने वाले हैं लू के थपेड़ों

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन भीषण गर्मी, 11 जिलो में अलर्ट, पड़ने वाले हैं लू के थपेड़ों : छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, और रायगढ़ समेत कई जिलों में भीषण गर्मी देखने को मिल रहा है. बीते दिन प्रदेश में गर्मी से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई. लेकिन अब प्रदेशवासियों को लू के थपेड़ों से और भी संभलकर रहना जरूरी हो गया है.  मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी की है. प्रदेश के 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.

 

इसे भी पढ़े :- गर्भवती श्रमिक महिलाओं को सरकार दे रही 20 हजार रुपए, जाने कैसे करें आवेदन

 

मौसम विभाग के अनुसार, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में लू चलने की आशंका है. गर्म हवाएं दोपहर से शाम तक लोगों को अधिक प्रभावित कर सकती हैं.

 

इसे भी पढ़े :-विवाहिता के कमरे में नग्न हालत में मिला प्रेमी, छिपा था संदूक के अंदर, परिजनों ने की जमकर कुटाई

 

See also  CG : तिमाही परीक्षा को लेकर आया बड़ा फैसला, पेपर लीक होने के बाद लिया निर्णय

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन भीषण गर्मी, 11 जिलो में अलर्ट, पड़ने वाले हैं लू के थपेड़ों : गुरुवार को दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बिलासपुर में अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री और रायपुर में 43.2 डिग्री रहा. तापमान में अगले तीन दिनों तक किसी विशेष बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है.

 

इसे भी पढ़े :-पामगढ़ के युवक की अकलतरा में बेदर्दी से हत्या, फरार दूसरे आरोपी को पुलिस ने जयपुर से किया गिरफ्तार, एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार

 

राजधानी रायपुर में दिन का तापमान 43.2 डिग्री तक पहुंच गया. शहर की सड़कों पर दोपहर के समय आमतौर पर नज़र आने वाली भीड़ noticeably कम रही. रात में तापमान 29.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जिससे गर्मी का असर रात तक बना रहा. वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री, और न्यूनतम 23.8 डिग्री दर्ज किया गया. यह सामान्य से लगभग 4 डिग्री अधिक है.

See also  नक्सलवाद पर अंतिम वार! क्यों बढ़ रहे हैं सरेंडर, जानें ‘मोदी-शाह’ रणनीति का असर

 

2 हजार रुपये जमा करने पर मिलेगा 50 से 60 लाख रुपये, एलआईसी की पुरानी म्यूचुअल फंड योजनाएं