बेबस मां अपने कंधे पर ही मासूम के शव को लेकर घर वापस जाने को मजबूर

कुशीनगर जनपद से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। यहां अस्पताल से मासूम बेटे की मौत की पुष्टि के बाद भी एंबुलेंस सेवा नहीं उपलब्ध हो सकी, जिसके बाद बेबस मां अपने कंधे पर ही शव को लेकर घर वापस जाने को मजबूर हो गई। मासूम की मौत का सदम जब मां को मिला तो उसके आसपास भी कोई नहीं था जिससे वह सहारे की उम्मीद कर सके। लिहाजा बेबस मां आंखों से बहती आंसुओं की धारा के बीच कंधे पर अपने जिगर के टुकड़े को लेकर बहार निकली। हालांकि यह सब देखकर भी किसी स्वास्थ्यकर्मी का दिल नहीं पसीजा। 

करंट लगने के बाद हुई थी बच्चे की मौत
स्वास्थ्य सुविधाओं को धता बताने वाली यह तस्वीरे सोमवार को सामने आने के बाद इंटरनेट पर जमकर वायरल हुई। मामला चर्चाओं में आया तो अधिकारियों ने पड़ताल की फाइल खोल दी। पता चला कि घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमकुहीराज से सामने आई। यहां करंट की चपेट में आने के बाद नगर पंचायत निवासी वहाब अंसारी के पांच वर्षीय बच्चे नूर मोहम्मद को मृत घोषित कर दिया गया था। हालांकि उसके बाद भी शव को घर तक ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मुहैया करवाई गई। जिसके बाद मां कंधे पर शव को लेकर निकली। 

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सीएमओ ने स्वास्थ्यकर्मियों को किया निर्देशित 
मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश पटारिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल के निरीक्षण के बाद उन्होंने डॉ. विजय सोनी से मृत बच्चे को एंबुलेंस न मिलने के प्रकरण की जानकारी की। मामले को लेकर स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि शव वाहन सीएचसी में उपलब्ध नहीं है इसी के चलते यह सुविधा महिला को नहीं दी जा सकी। मामले को लेकर सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि भले ही शव वाहन वहां मौजूद नहीं था लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों को महिला की मदद के लिए आगे आना चाहिए था। दोबारा इस तरह की गलती न हो इसके लिए सभी को निर्देशित किया गया है।