मध्यप्रदेश पुलिस की पहल से युवाओं के सपनों को मिली उड़ान

भोपाल

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा एवं उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ विनीत कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं बटालियन में संचालित दिशा लर्निंग सेंटर के माध्यम से दी जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण फिजिकल ट्रेनिंग जिले के युवाओं को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही है। यह पहल न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को सशक्त कर रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित कर रही है।

इसी राज्य स्तरीय “दिशा लर्निंग सेंटर” कार्यक्रम के अंतर्गत  छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा युवाओं को दी जा रही निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस लाइन छिंदवाड़ा में संचालित इस केंद्र के माध्यम से अभ्यर्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।

इस उपलब्धि के अंतर्गत कुल 17 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 11 अभ्यर्थी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में तथा 6 अभ्यर्थी SSC GD के माध्यम से बीएसएफ, सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ में चयनित हुए हैं। चयनित अभ्यर्थियों में लोकेश सरियाम, ऋतिक सोनी, सत्येंद्र बालवंशी, अंकित धुर्वे, सुकामिनी परतेती एवं सुसाधना पहाड़े ने SSC GD के तहत विभिन्न अर्धसैनिक बलों में सफलता प्राप्त की है, जबकि मनोज वानखेड़े, दिलीप साहू, अभिषेक सोलंकी, अभिषेक सूर्यवंशी, कुलदीप कुमार, राहुल रघुवंशी, कैलाश वनेश्वर, रंजीत साहू, राम घोटे, निकेत साहू एवं सुभावना फकारे का चयन RPF कॉन्स्टेबल के रूप में हुआ है। यह सफलता छिंदवाड़ा पुलिस के सतत प्रयासों, समर्पण एवं प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम है।

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 छिंदवाड़ा अजय पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी एवं आरक्षक विजय इनवाती द्वारा अपने नियमित दायित्वों के साथ-साथ विशेष मेहनत एवं प्रतिबद्धता के साथ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे यह उपलब्धि संभव हो सकी। 

उल्लेखनीय है कि “दिशा लर्निंग सेंटर”  केवल फिजिकल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस परिवार के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक समग्र मंच प्रदान करता है। इस केंद्र में  SSC, व्यापम एवं पुलिस भर्ती से संबंधित 500 से अधिक पुस्तकें, पत्रिकाएं एवं समाचार पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क वाई-फाई, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है, जिससे वे ऑनलाइन अध्ययन एवं शोध कार्य कर सकें। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है।