CG : 2.5 करोड़ रुपए मिलने के बाद भी नहीं भरा मन, BMW कार के लिए किया अप्राकृतिक कृत्य, अब मिली सज़ा

विवाहिता को प्रताड़ित करने वाले पति समेत सास-ससुर और ननद को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। प्रकरण में विवाहिता ने पति के खिलाफ अप्राकृतिक कृत्य की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) गणेश राम पटेल की अदालत ने पति को 9 वर्ष 10 माह के कठोर कारावास से दंडित किया है। जबकि सास-ससुर को 10-10 माह और ननद को 6 माह कारावास की सजा सुनाई है।

प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी पूजा मोगरे ने की। पीड़िता ने 7 मई 2016 को सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी 16 जनवरी 2007 में निमिष अग्रवाल से हुई। शादी के बाद सास-ससुर और पति, पीड़िता को उसके पिता से हिस्सा मांगने को लेकर दबाब बनाने लगे। आए दिन उसे ताना भी मारते थे। इसके चलते उसके कहने पिता ने 2.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इसके उनकी लालसा और बढ़ गई। इसके बाद बीएमडब्ल्यू कार की मांग करने लगे।

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इस बीच पति उसकी इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक कृत्य करने लगा। प्रकरण की न्यायालय में विचरण शुरू हुआ, जिसमें न्यायालय ने पति समेत सास-ससुर और ननद को दोषी पाया। अदालत ने पति निमिष अग्रवाल को धारा 377 में 9 साल 10 माह का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। ससुर सुनील अग्रवाल और सास रेखा अग्रवाल को धारा 323 में 10-10 माह की सजा और एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जबकि ननद को धारा 323 में 6 माह का कारावास और एक हजार रुपए से दंड से दंडित किया।