Gold-Silver ETFs में भारी गिरावट, 2 महीने में 40% रिटर्न गंवाया, निवेशक अब क्या करें?

मुंबई 

कुछ महीने पहले गोल्‍ड-सिल्‍वर की खूब चर्चा हो रही थी. हर छोटा, बड़ा निवेशक सोना-चांदी खरीदने की बातें कर रहा था. उसमें भी ज्‍यादातर लोग सोना और चांदी को डिजिटल खरीदने की सलाह दे रहे थे, चाहे वह कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स हो या ना… जिसका नतीजा ये रहा कि बहुत से निवेशकों ने अपने शेयरों में लगाया पैसा या फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट में लगाया पैसा निकालकर Gold-Silver ईटीएफ खरीदे।

अगर जनवरी में खरीदे गए अभी भी इनके पास गोल्‍ड और सिल्‍वर के ईटीएफ हैं, तो अब ये फंस चुके हैं. क्‍योंकि जनवरी से लेकर अभी तक इन ETFs में भारी गिरावट देखने को मिली है. ये ईटीएफ अभी तक 40 फीसदी तक टूट चुके हैं. जबकि निवेशकों को उम्‍मीद थी कि ईरान-अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद इनमें तेजी आएगी, लेकिन ठीक इसके उल्‍टा हुआ है और इन मेटल्‍स के ईटीएफ में तेज गिरावट आई है।

गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs में इतनी गिरावट क्‍यों आई? 
ऐसा माना जाता है कि कोई भी जंग निवेशकों को सेफ असेट की ओर आकर्षित करती है, लेकिन ईरान-अमेरिका के बीच जंग ने सेफ असेट यानी सोना-चांदी के भाव को गिराया है. इसी कारण गोल्‍ड-सिल्‍वर ETFs में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी में गिरावट डॉलर में मजबूती के कारण हुआ है

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    होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड ऑयल अभी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है. इस कारण ग्‍लोबल महंगाई का खतरा पैदा हुआ है. ऐसे में निवेशक सुरक्षित मुद्रा 'डॉलर' को मान रहे हैं, जिस कारण डॉलर में तेजी है. 

    मजबूत डॉलर और महंगाई, जंग के बीच भी सोने-चांदी में तेजी को रोक रहे हैं. वहीं फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से भी रेट कटौती की उम्‍मीद नहीं दिखाई दे रही है, जो सोने-चांदी की कीमतों पर विपरीत असर डालते हैं. ऐसे में सोने-चांदी की चमक फीकी दिख रही है. 

    तीसरा बड़ा कारण, सोने-चांदी के ईटीएफ में तेजी रुक जाने से और बिकवाली के कारण निवेशक इन असेट को बेचकर बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में Gold-Silver ETFs में डिस्‍काउंट्स है. 

अब आगे क्‍या अनुमान है? 
एक्‍सपर्ट्स की बातों को समराइज करें तो ये पता चलता है कि अगर अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी का खतरा पैदा होता है तो सोने-चांदी के दाम में अच्‍छी तेजी आज सकती है, जिससे Gold-Silver ETFs के दाम में भी तेजी आ सकती है, लेकिन अगर अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत होती है तो सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आने से ये ईटीएफ के भाव भी गिरेंगे. 

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कमोडिटी एक्‍सपर्ट्स का यह भी मानना है कि ईरान-इजरायल जंग रुकने के बाद सोने और चांदी के भाव नीचे आ सकते हैं, जो एक बड़ा करेक्‍शन हो सकता है. वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि इस साल सोना-चांदी 15 से 20 फीसदी का रिटर्न दे सकते हैं. 

रिकॉर्ड हाई से कितना टूटे गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ? 
Nippon India Silver ETF 29 जनवरी को 360 रुपये पर था, जहां से यह करीब 40 फीसदी गिरकर 235 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Nippon India Gold ETF 29 जनवरी को अपने रिकॉर्ड हाई 148 रुपये से 15 फीसदी नीचे है और 127 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Tata Silver ETF 32%, ICICI सिल्‍वर ईटीएफ करीब 35 फीसदी, टाटा गोल्‍ड ईटीएफ और ICICI गोल्‍ड ईटीएफ 15% तक गिरे हैं. 

रिकॉर्ड हाई से कितने सस्‍ते हुए सोना-चांदी? 
MCX पर चांदी का रिकॉर्ड हाई लेवल 4.20 लाख रुपये प्रति किलो है और सोने का भाव 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है. 18 मार्च को चांदी की कीमत 2.52 लाख रुपये है और सोना 1.55 लाख रुपये है. ऐसे में चांदी 1.68 लाख रुपये और सोना 38 हजार रुपये सस्‍ता है. 

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