डिंडौरी में पानी का संकट चरम पर: नाले का पानी पी रहे ग्रामीण, खाली बर्तन लेकर पहुंचे जनसुनवाई में

 डिंडौरी

आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी में जलसंकट इस कदर गहरा गया है कि ग्रामीण बूंद बूंद पानी के लिए भी तरस रहे है। पानी की समस्या को लेकर ग्रामीण चक्का जाम का रास्ता भी अपना रहे हैं। विभागीय अधिकारियों सहित कलेक्टर तक भी शिकायत पहुंच रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में दो गांवों के ग्रामीण खाली बर्तन लेकर पहुंचे और पानी की समस्या का हल करने के गुहार लगाई। जनपद मेहंदवानी के ग्राम चौबीसा और जरगुड़ा में जलसंकट गहराने से ग्रामीणों को पीने के लिए भी बमुश्किल पानी मिल पा रहा है।

एक किलोमीटर दूर नाला का पानी कर रहे उपयोग

जनसुनवाई में पहुंचे ग्राम पंचायत चौबीसा रैयत के सकरीटोला की महिलाओं ने बताया कि गांव में लगभग एक सैकड़ा परिवार जलसंकट से जूझ रहे है। नल जल योजना से पाइप लाइन भी नहीं बिछ पाई है। गांव में चार हैंडपंप है लेकिन तीनों सूख चुके है। एक कुंआ भी है, जिसमें पानी नहीं है। ऐसी स्थिति में करीब एक किलोमीटर दूर नाला से पानी लाकर जीविकोपार्जन करना पद रहा है। समस्या को लेकर ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव को कई बार अवगत कराए जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई है। त्रस्त होकर ग्रामीण शिकायत करने जनसुनवाई में पहुंच गए।

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कुआं का गंदा पानी पीने मजबूर जरगुड़ा के ग्रामीण

इसी तरह मेहंदवानी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जरगुड़ा के पोषक ग्राम घांघारी टोला के दर्जनों ग्रामीण खाली बर्तन लेकर जनसुनवाई में पहुंचे और पानी की शिकायत की। महिलाओं ने बताया कि घांघारी टोला की जनसंख्या लगभग 500 के आसपास है। गांव में नल जल योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। गांव में एक हैंडपंप है लेकिन उससे मटमैला पानी निकलता है। वहीं एक कुआं है जिसका दूषित पानी ग्रामीण पीने मजबूर हैं।

काफी मशक्कत से मिल पाता है एक बाल्टी ही पानी

ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप में सुबह से लाइन लगाने के बाद काफी मशक्कत से एक बाल्टी ही पानी मिल पाता है। समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों सहित जनपद और पीएचई विभाग में भी ग्रामीणों द्वारा लिखित तौर पर शिकायत की गई है। इसके बाद भी अभी तक कोई पहल न होने से मजबूर होकर ग्रामीण खाली बर्तन लेकर जनसुनवाई में पहुंच गए।

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